जटायु एंटी-टेरर कमांडो, तो हनुमान पहले मानव-ड्रोन! राइट ब्रो?
रावण आतंकी. जटायु आतंकवाद के खिलाफ पहला सिपाही. तो बाकी लोग कौन हैं? आओ मिलकर विचारें:
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फोटो - thelallantop
पहली बार कोई प्रधानमंत्री दिल्ली के के अलावा दूसरी जगह दशहरा मनाने गया. इसी चक्कर में लखनऊ के राम-लक्ष्मण नर्वसाए पड़े थे कि प्रधानमंत्री खुद उनकी आरती उतारने वाले हैं. रावण अलग गिल्ल टहिल रहा था कि मोदी आएंगे तो उन्हें 10 खोपड़ी वाली एक्टिंग दिखाएंगे. लेकिन, जब मोदी मंच पर पहुंचे तो उन्होंने किसी और की परफॉर्मेंस के लिए जगह ही नहीं छोड़ी. अहो अहो! प्रधानमंत्री के कंठ से अरसे बाद 'जय श्रीराम' का नारा. भाषण की शुरुआत और अंत में. एकदम राइट टाइम था जी. एंटी-पाकिस्तान माहौल और राम जन्मभूमि वाले प्रदेश में चुनाव की आमद. ये भी कहा कि इस 'जयकार' की आवाज़ दूर-दूर तक जानी चाहिए. 'दूर' से उनका मतलब कुछ किलोमीटर की दूरी से नहीं था. आने वाले कुछ महीनों से था. ये आवाज़ दूर तलक जाएगी, ये तभी कंफर्म हो गया जब प्रधानमंत्री के प्रिय केजरीवाल जी ने भी 'जय श्रीराम' ट्वीट कर दिया. अब बहुत संभावना है कि यूपी में ये नारा तरह-तरह के अंडरकरंट पैदा करेगा. खैर अपणे को क्या! अपणे को तो बस पाणी निकालणा है. प्रधानमंत्री की दिलचस्प बात दूसरी थी, जिसे सोशल मीडिया वाले भी ले उड़े हैं. उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है. मानवता का मतलब राम हैं और इस हिसाब से आतंकवाद से पहली लड़ाई जटायु ने लड़ी थी. जनता इस लड़ाई में राम न बन सके, पर जटायु तो बन जाए. इस तरह उन्होंने 'पुरानी भाजपा' की याद दिला दी जो नई चीज़ों की उपमाएं मिथकों में खोजती रही है. मोदी ने ही गणेश जी को पहला प्लास्टिक सर्जन बताया था! https://twitter.com/ANINewsUP/status/785833224429789184 जटायु वाली कहानी तो सुनी ही होगी. जटायु एक बहो-बड़े पक्षी थे. जब रावण सीता को किडनैप करके अपने प्लेन में लंका ले जा रहा था तो जटायु उड़ते हुए आए और रावण को ललकारे. कहिन कि लंकेश तू काम के अधीन होकर रामचंद्र जी की भार्या को लेकर जा रहा है. रुक मैं तुझसे युद्ध करने आ रहा हूं. फिर दोनों में जबरजस्त युद्ध हुआ. रावण के प्लेन का ड्राइवर मारा गया. रावण खुद जख्मी हो गया. लेकिन जटायु बूढ़े-कमज़ोर थे. रावण ने उनकी दोनों भुजाएं काट डालीं और सीता मइया को लेकर फुर्र हो गया. 'हा राम, हा सीता' करते हुए जटायु घायल हालत में जमीन पर पड़े हुए मिले. राम जी को पूरी कहानी सुनाई और फिर वीरगति को प्राप्त हुए. लेकिन ये बात है बड़ी मजेदार. रामायण को इस नजरिये से किसी ने न देखा होगा. आइए देखें. एक कर्मकांडी ताकतवर ब्राह्मण, जिसने दूसरे की पत्नी अगवा कर ली, वह आतंकवादी है. और उससे लड़ने वाला जटायु पहला एंटी टेरर योद्धा. तो बाकी लोग कौन हैं? आओ मिलकर विचारें: रावण का मामा मारीच: दुनिया का पहला स्लीपर सेल. हुलिया बदल के आवा रहा सार. शूर्पणखा: पहली हनीट्रैप वाली आतंकिनी, जिसे बाद में शरीयत के मुताबिक सजा मिली. विभीषण: पहले गुप्तचर होंगे. उनके लिए गद्दार. हमारे लिए ईमानदार. लंका वाले उन्हें इंडिया भेज देते. तब पाकिस्तान तो था नहीं. अंगद: पहले रॉ एजेंट. स्याले को घर में घुस के धमका आए. लंका दहन: ये भी बताने की जरूरत है क्या! सर्जिकल स्ट्राइक मितरों! पहला सर्जिकल स्ट्राइक. हनुमान: लंबी दूरी तक मार करने वाला पहला मानव-ड्रोन. सुरसा: जमीन से हवा में मार करने वाली पहली मिसाइल. अशोक वाटिका: पहली 'खुली जेल'. त्रिजटा:रावण की पहली अंडरकवर एजेंट बालि: पहला बाहुबलि. सामने वाले का आधा बल ले लेता था, इसलिए पहला टर्मिनेटर भी. मेघनाद: पहला अभिषेक बच्चन. ओके सॉरी. कुंभकर्ण: दुनिया का पहला HR एग्जीक्यूटिव. जामवंत: पहले टेडी बियर. बहुत क्यूट लगते थे ना. परशुराम: पहले डोनल्ड ट्रंप. यू नो इट राइट? आप भी सोचिए और हमें भी बताइए. वैसे, मोदी के मुख से चुनाव पूर्व 'जय श्रीराम' सुनना कलेजे को ठंडक पहुंचाने वाला है. उनके समर्थक आश्वस्त हो सकते हैं कि उनका नेता बदला नहीं है. खैर पॉलिटिक्स से अपने को क्या! अपणे को तो बस पाणी निकालणा है!
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