ये लेख डेली ओ के लिए राधिका ने लिखा है. वो भी अंग्रेजी में. द लल्लनटॉप आपको यहां उसका हिंदी तर्जुमा दे रहा है. पढ़िए और सोचिये.
ये वीडियो कैसे खेल रहा है भारत माता और दुर्गा मां से
हमें युद्ध की ज़रूरत ही क्यों है, जब हमारे पास इस वीडियो जैसा ब्रह्मास्त्र हैं.
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(Symbolic Image)
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भारतीय इमोशनल, अक्सर हिंसक हो उठते हैं जब बात मां की होती है. ये नैसर्गिक है. मां के खिलाफ एक शब्द सुना नहीं कि इंसान गुस्से से भन्ना जाता है. ये हास्यास्पद है कि वही भारतीय कितनी आसानी से मां की गाली देते हैं. खैर. इंडिया-पाकिस्तान के केस में हमेशा 'मेरा भारत पहले' वाला मसला होता है. हालांकि कोई ये सवाल कभी नहीं करता कि ये मेरा इंडिया है कैसा? दूसरे स्थान पर हमारे लिए धर्म होता है, जिसके लिए हम खून-खराबे पर उतर सकते हैं. तीसरा है होली काऊ. यानी गाय. और जब देश के दो सबसे बड़े मुद्दों को आप मिला देते हैं, एक भयंकर मिक्स्चर तैयार होता है: नवरात्रों के जागरण का एक वीडियो, जो सेना में लड़ने वाले जवानों की बड़ाई कर रहा हो. 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं' गीत की धुन पर.
भारत माता और दुर्गा माता के सम्मान में एक ही वीडियो
लेकिन दुर्गा कौन हैं? बुरे का ध्वंस करने वाली. दुर्गा की राक्षस महिषासुर पर जीत हासिल करने पर हम नवरात्र मनाते हैं. माना कि दुर्गा योद्धा देवी हैं और हमारे सैनिकों को उन्हें याद कर बल मिलता है. देवी के दूसरे मायने ये होते हैं कि वो सबकी मां हैं और ये नैसर्गिक है कि प्रेम और सुरक्षा के लिए हम अपनी मां को याद करें. लेकिन मां जितनी भी निडर, शक्तिशाली और निर्मम हो, बुरे का विनाश करने में वो कभी लोगों को प्रताड़ित नहीं करती. तो जब गीतकार/गायक इंडियन सेना को पाकिस्तान पर कब्ज़ा करने के लिए कहता है, क्या इसके माने ये नहीं निकलते कि पाकिस्तान एक बुरा देश है? और इंडिया एक अच्छा, सही, दैवीय देश है. ये एक उदाहरण है, 'ईस्ट ऑर वेस्ट, इंडिया इस द बेस्ट' कहावत का. और क्यों न हो. छाती पीट-पीटकर अपने देश को महान कहना हमें एक नए जुनून और नशे से भर देता है. ये नशा उस शराब के नशे से ज्यादा होता है, जिसे हम नवरात्रों में पीने से परहेज करते हैं. https://www.youtube.com/watch?v=gAWg5t5SiYQ वीडियो देखकर ये साफ़ मालूम होता है कि वीडियो बनाने वाले इस बात को भूल गए हैं कि नवरात्र त्योहार होता है. इसे ख़ुशी से मनाया जाता है. लेकिन वीडियो में युद्ध और खून बहाने को मनाया जा रहा है. बिना ये याद किए कि हर दिन लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर कई सैनिक मरते हैं. युद्ध में होने वाला नाश हर नाश से कहीं ज्यादा बड़ा है. कोई भी जीते, दोनों तरफ लोग मरते हैं. मरने पर मातम होता है. मौत को कभी मनाया नहीं जाता. वीडियो से मुझे और भी तकलीफें हैं.बिग ब्रदर कॉम्प्लेक्स
हमें ये इल्हाम है कि हम जगत गुरु हैं. हमने दुनिया को योग, आयुर्वेद, एस्ट्रोनॉमी दिया. ये सब देश ने नहीं, देश के लोगों ने दिया. किसी एक इंसान से. अब वो इंसान इंडिया में पैदा हो गया, इससे देश कैसे महान हुआ? ये तो संयोग है, न? चलो हम मान भी लें कि देश ने बहुत कुछ दिया, तो हमारा युवा देशप्रेमी देश के लिए क्या कर रहा है, ये बताइए? वीडियो के मुताबिक, गायक न सिर्फ दुर्गा से कहता है कि इंडिया को पूरा कश्मीर दे दो, बल्कि पूरा पाकिस्तान दे दो. पाकिस्तान, जो सोवरेन स्टेट है, जहां लोकतंत्र नहीं है, जो आतंकियों से परेशान है. इंडिया को अगर पूरा पाकिस्तान मिल भी जाए, क्या वो सही मायनों में हमारी जीत होगी?सोशल मीडिया कृपा
जिस तरह सोशल मीडिया पिछली यादें हमें भेजता रहता है, 2011 में रिलीज हुआ टी सीरीज का ये वीडियो कुछ दिन पहले मुझे व्हाट्सएप पर भेजा गया. 5 साल बाद इस वीडियो का शेयर होना, जब देश पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसी स्थिति में है, माता का चमत्कार ही होगा, न? पर हमें युद्ध की ज़रूरत ही क्यों है जब हमारे पास इस वीडियो जैसा ब्रह्मास्त्र हैं?अगर हिम्मत है, तो LOC पर जाओ, साउंड चेक करो, और ये वीडियो बजा दो. पाकिस्तान नहीं जीत पाएगा. दोनों माताएं खुश होंगी कि तुमने ये त्योहार बर्बाद कर दिया. उनके लिए, जिनके लिए ये त्योहार सचमुच महत्व रखता है.वो कमेंट देखिए जो श्रीराम कुमार जोशी ने किया है: मोदीजी आ गए हैं और ये जल्दी मुमकिन हो जाएगा. क्या मिल जाएगा अगर हमें लाहौर, कराची और मुल्तान मिल भी गए. सरकार वही संभालने में थक जाती है जिसे हम अपना देश कहते हैं. पहले हम अपने देश के मसले सुलझा लें? इन लोगों को प्रधानमंत्री का भाषण सुनना चाहिए, जब उन्होंने कहा था कि इंडिया कभी नई जमीन का भूखा नहीं रहा है. हालांकि वो ये बात कहे बिना भी भाषण दे सकते थे कि इंडिया हमेशा दूसरों के लिए लड़ा है.
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