शिव को पता चला. कि ब्रह्मा गंदी हरकत पर उतर आए हैं. बड़ी जोर से चीखे. इसी दहाड़ के कारण उनको रुद्र कहा जाता है. यानी बहुत गुस्से में आ जाते हैं. ब्रह्मा का अपने ऊपर कंट्रोल नहीं है. उन्होंने अपने चार सिर उगा लिए. ताकि चारों दिशाओं में नजर रख सकें. जहां कहीं भी शतरूपा जाए उसे देख सकें. रुद्र यानी शिव ने ब्रह्मा की तरफ घूरकर देखा. ब्रह्मा इससे और चिढ़ गए. शिव को इग्नोर करने के लिए उन्होंने चारों सिरों के ऊपर एक सिर और निकाल लिया. अब भोले का भोलापन छूट गया. कहा कि ब्रह्मा तो निहायत बदतमीजी पर उतर आए हैं. दौड़कर उनका पांचवां सिर पकड़ा और नाखूनों का इस्तेमाल करते हुए उखाड़ लिया. उस खोपड़ी को शिव अपने हाथों में रखे रहते हैं. इसीलिए उनको कापालिक कहा जाता है. ये खोपड़ी धरती पर रहने वाले इंसानों से देवताओं तक को उनकी औकात बताती है. कि बेट्टा अगर प्रकृति से छेड़खानी की तो ये हाल होगा. ये भी पढ़ें:
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