लेखक मृणाल पांडेय की किताब ‘माया ने घुमायो’ उन कहानियों की समसामयिक प्रस्तुति है जो हमें वाचिक परंपरा से मिली हैं. ये कहानियां अपनी कल्पनाओं, अतिरंजनाओं और अपने पात्रों के साथ सुदूर अतीत से हमारे साथ हैं और मानव समाज, उसके मन-मस्तिष्क के साथ मनुष्य की महानताओं-निर्बलताओं का गहरा तथा सटीक अध्ययन करती रही हैं.
माया ने घुमायो: बच्चों को न सुनाने लायक बालकथाएं
मृणाल पांडेय की किताब ‘माया ने घुमायो’ के अंश.
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यह पुस्तक हाल ही में राधाकृष्ण प्रकाशन के 55 वर्ष के अवसर पर लोकार्पित हुई.
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यह पुस्तक हाल ही में राधाकृष्ण प्रकाशन के 55 वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य मनोज कुमार झा की उपस्थिति मे इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में लोकार्पित हुई.
पढ़िए किताब ‘माया ने घुमायो’ के कुछ अंश.
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