जनाब जब पहली बार उसे देखा था तो समझ गया था कि She is out of my league है. वो मासूम सी शक्ल लिए और बालों में प्लेट्स बना के आती थी. यकीन मानिए मेरी अटेंडेंस का 75% हिस्सा उसके कारण ही था. सुबह-सुबह जब वो क्लास में आती थी तो मानो लड़कों के दिल की धड़कन रुक जाती थी. एक बार हमारे सोशल साइंस के टीचर ने उसे सबके सामने डफर कहा था, तो मानो सारे लड़कों में सरफ़रोशी की तमन्ना जाग गई थी. उस दिन अगर वो रो देती तो कसम NCC के N की क़त्ल-ए-आम हो जाता. मगर वो मुस्कुराती रही और हमारा सारा गुस्सा शरबतों के रंग सा मीठा हो गया.कई बार वैलेन्टाइन्स डे आया और चला गया. लोग चिल्ड्रेन्स डे मना बैठे और मैं बस उसको प्रपोज करने का सोचता रहा. आज इतने साल हो गए हैं पर सच मानिए आज भी लड़कों के लिए प्रपोज करना वाइवा देने से कम नहीं है. एक दिन गलती से फेसबुक पे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने की सोची. स्कूल पास हुए तो अरसा हो गया था और मन में ये सवाल था किक मैं उसे याद रहूंगा कि नहीं. खैर हिम्मत-ए-मर्दा मदद-ए-खुदा सोच के फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज ही दी. टाटा डोकोमो के टू-जी में एक पेज खोलने में उतना ही समय लगता है जितना इन्फ्लूएंजा के एंटीजेनिक शिफ्ट होने में. आख़िरकार मैंने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज ही दी. फेसबुक महाशय ने एक पुलिस वाले की तरह सवाल किया कि 'Do you know her personally' अजी सच बोलने के तो कई मौके मिलेंगे, फेसबुक से क्या सच बोलना. मैंने फ़ौरन ही हां पे क्लिक कर दिया और मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट मोदी की आकांक्षाओं की रफ़्तार से भी तेज़ रवाना हो गई. कई लोग रवाना को खाना पढ़ते हैं, ऐसे लोगों के साथ मेरी हमदर्दी है. और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते ही 175 और लोगों के साथ मैं भी उसका फॉलोअर हो गया.
5-6 दिन के बाद मुझे फेसबुक पे एक मैसेज आया. उसका ही मैसेज था 'Hi nice to see you on facebook'. अच्छा जी, ज़िन्दगी में 475 बार आपके सामने आया तब कभी ख़ुशी नहीं हुई, आज मैसेज पे ऐसा क्या हो गया. मैंने भी जोश में आकर लिख दिया 'hi प्रिया ya long time' प्रिया : Ya, how are you? What are you upto these days?' राशिफल के हिसाब से तो आज मेरी राशि में दुःख दर्द मिलने थे, ये अचानक बहार कहां से आ गई? मैं: 'I am good, m doing B.pharma from VIT' प्रिया: 'Oh cool, I am in IIT Delhi' मैं: 'Great! How is engineering? Is it tough?' प्रिया: 'Ya its lil tough...but mera kaam chal jata hai' मैं: 'wo kaise?' प्रिया: 'arey ladke hote hi kis liye hain :P :P' दिल तेज़ तेज़ चल रहा था, की मानो आज बाहर ही निकल आएगा. ऐसी बात नहीं थी की मेरा चांस था but its one thing not to get something, its a whole another thing to not to be able to get something दो मिनट तक सोचता रहा फिर लिखा. मैं: 'aur school ka hai kya koi wahan Delhi mein?' प्रिया: ' arey avinash hai na, you guys were friends na, he too is in IIT Delhi. He is my friend too now'स्कूल में सब एक रंग की यूनिफ़ॉर्म पहनते थे. एक ही क्लास में बैठते थे. एक ही टीचर से पढ़ते थे. पर आज कितना अंतर था हम में. एक एक्जाम इंसान को कितना अलग कर देता है. सिर्फ चन्द किताबें इंसान को कितना बड़ा बना देती हैं. कोटा के वो दिन आंखों के सामने आ गए जब महावीर नगर 3 की सब्ज़ी मंडी में लड़कियां ताड़ने क्लास बंक कर के जाया करते थे. वो Spice और keventers पे जहां party मनाने जाया करते थे. वो Om Multiplex जहां 'कमीने' का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखा था. वो प्याज़ कचोड़ी आज कितनी कड़वी नज़र आ रही थी.
वो अगले 20 मिनट IIT की कहानी सुनाती रही जहां वो और अविनाश मस्ती कर रहे थे और मैं तूफ़ान की रात में दिए की तरह जलता रहा. जब तक धीरज था सुना फिर goodbye लिखकर फेसबुक से उसे ब्लॉक कर दिया."अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी कायनात तुम्हें उससे मिलाने में लग जाती है." ओम शांति ओम में शाहरुख़ यही कहकर दीपिका को पा लेता है.. पर हर चीज़ फिल्मों जैसी नहीं होती. कुछ दिन सोच-सोच कर बहुत आंसू बहा लिए फिर Relationship Status 'its complicated' लिखकर Logout कर लिया. सुना है अविनाश और प्रिया की शादी हो गई है. और मैं आज भी Old Monk रम में अपनी प्रिया को ढूंढ रहा हूं. Some love stories never end, they just get jeopardized.
चकोर झाड़ियों से निकल आई, बटेर दौड़ भागे और तीतर ने 'तीन तौला छप' कहा



















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