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जामिया में गोली चलाने वाले लड़के ने जहां से 10वीं पास की, क्या वो स्कूल आठवीं तक ही है?

सोशल मीडिया पर एक डॉक्यूमेंट चल रहा है, जिसमें 9वीं से 12वीं तक ज़ीरो बच्चे दिख रहे हैं.

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आरोपी लड़के की मार्कशीट के हिसाब से 2018 में उसने जेवर पब्लिक स्कूल से दसवीं पास की. एक दूसरे डॉक्यूमेंट में दावा किया जा रहा है कि जिस स्कूल से उसने परीक्षा पास की वहां सिर्फ आठवीं तक स्टूडेंट्स हैं. फोटो: आरोपी लड़का, ऊपर उसकी मार्कशीट, नीचे दूसरा डॉक्यूमेंट
30 जनवरी. दिन गुरुवार. दिल्ली की एक सड़क पर गोली चली. कट्टे से. इस दिन 'अहिंसा' सिखाने वाले उस शख्स की पुण्यतिथि होती है, जिसे दुनिया महात्मा गांधी कहती है.
इस दिन जामिया मिल्लिया इस्लामिया से राजघाट तक नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के ख़िलाफ़ मार्च चल रहा था. इसी दौरान एक लड़के ने 'ये लो आज़ादी' कहते हुए गोली चला दी. घटना में जामिया का मास कम्यूनिकेशन का एक छात्र शादाब घायल हो गया.
गोली चलाने वाले लड़के को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ चल रही है. ख़बरों के मुताबिक, आरोपी लड़का नाबालिग है. घटना से पहले उसने कई फेसबुक लाइव किए. उसकी फेसबुक प्रोफाइल रेडिकल विचारों और 'बदले' की बातों से भरी हुई है. फिलहाल उसका अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया गया है.
इस बीच आरोपी लड़के की पढ़ाई-लिखाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ANI के मुताबिक, उसने दसवीं की पढ़ाई गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जेवर पब्लिक स्कूल से की है. लड़के की मार्कशीट कहती है कि 2018 में उसने 10वीं की बोर्ड परीक्षा पास की है. लेकिन एक और डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया पर घूम रहा है. इसमें दावा किया जा रहा है कि जिस स्कूल से उसने पढ़ाई की, वहां आठवीं के बाद बच्चे रजिस्टर्ड ही नहीं हैं.
आरोपी लड़के का 10वीं का सर्टिफिकेट. इसमें दिख रहा है कि 2018 में उसने जेवर पब्लिक स्कूल से 2018 में हाईस्कूल पास किया. फोटो: ANI
आरोपी लड़के का 10वीं का सर्टिफिकेट. इसमें दिख रहा है कि 2018 में उसने जेवर पब्लिक स्कूल से 2018 में हाईस्कूल पास किया. फोटो: ANI

दूसरे डॉक्यूमेंट में 9वीं से 12वीं क्लास के आगे ज़ीरो रजिस्ट्रेशन दिख रहा है. कहा जा रहा है कि जब इन क्लास में स्टूडेंट्स ही नहीं हैं तो आरोपी लड़के ने यहां से पढ़ाई कैसे कर ली?
सोशल मीडिया पर चल रहा डॉक्यूमेंट. लाल निशान वाली जगह पर 9वीं से 12वीं के आगे ज़ीरो छात्र दिख रहे हैं. फोटो: फेसबुक
सोशल मीडिया पर चल रहा डॉक्यूमेंट. लाल निशान वाली जगह पर 9वीं से 12वीं के आगे ज़ीरो छात्र दिख रहे हैं. फोटो: फेसबुक


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क्या आरोपी लड़का स्कूल का छात्र रहा है?
जेवर पब्लिक स्कूल सीनियर सेकेंडरी स्कूल है यानी 12वीं तक का. ये जानने के लिए कि क्या 2018 में आरोपी लड़के ने स्कूल से 10वीं की है, हमने स्कूल से संपर्क किया. बताया गया कि वो यहां का छात्र रहा है और उसने यहां से बोर्ड परीक्षा पास की है.
स्कूल के मैनेजर-प्रिंसिपल नरेंद्र शर्मा ने 'द लल्लनटॉप' को फोन पर बताया, 'जिस लड़के की बात हो रही है, वो स्कूल का छात्र रहा है. इसके डॉक्यूमेंट्स हमारे पास हैं.' हालांकि डॉक्यूमेंट्स की कॉपी मांगने पर उन्होंने कहा, 'आपको यहां (स्कूल) आकर देखना पड़ेगा. हम डॉक्यूमेंट्स भेज नहीं सकते.'
तो जिस दूसरे डॉक्यूमेंट से सवाल उठ रहा है, वो क्या है?
जिस डॉक्यूमेंट में 9वीं से 12वीं तक ज़ीरो स्टूडेंट्स दिखाई दे रहे हैं, इस पर वो कहते हैं,
'ये पुराना है और अपडेटेड नहीं है. जब हमने 10वीं के एफिलिएशन (संबद्धता) के लिए CBSE में अप्लाई किया था, ये तब का है. CBSE कहता है कि जब तक एफिलिएशन अप्रूव नहीं हो जाता, तब तक क्लास में ज़ीरो स्टूडेंट्स दिखाने होते हैं.'
शर्मा कहते हैं, 'दसवीं के लिए CBSE से एफिलिएशन के लिए 2014 में अप्लाई किया गया था. 2018 में 12वीं के लिए अप्लाई किया गया.' उन्होंने ये बताने से इनकार कर दिया कि 2018 में 10वीं में कुल कितने स्टूडेंट्स थे. एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि आरोपी लड़के की मार्कशीट एकदम सही है. उन्होंने कहा कि मार्कशीट में दिख रही उसकी डेट ऑफ बर्थ (8 अप्रैल, 2002) भी सही है और इसके हिसाब से वो नाबालिग है.


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