भैया फैन भये हम आपके. हियां कल्हऊ दादा की चाय की दुकान पर गए थे हम सुबे. अखबार देखे तो आप लोगन का त्योहार आ रहा है. वैलंटाइन डे करके. आंय, आपका ही तो है. इसके आते ही आप लाइम लाइट में आ जाते हो. आपकी पूंछ बढ़ जाती है. आप खबर का हिस्सा बन कर चढ़ लेते हैं. आपके तरीके और आपकी लाठी भी. तो कुल मिला कर त्यौहार तो आपै का है भाईसाब. लेकिन आपसे कछू कहिना चाह रहे हम. आप थोड़ा गौर फरमाय लें तो हम तर जाएं.
बात ये है कि आप हो हनुमान जी नामी दल. बजरंगी के भक्त भी होगे. बजरंगी तो प्रेमियों को मिलाने की खातिर समंदर पार कर गए थे. अपनी पूंछ दांव पर लगा दी. उनके नाम की सेना आज प्रेमियों को लट्ठ मारती है. उठक बैठक कराती है. कइसा फील करते होंगे बजरंगी. कायदे से सोच ल्यो. कहीं अइसा न हो कि आप बजरंगी का हिसाब किताब उल्टाए दे रहे हो. रात को आएं और धर लें तुमको. घुमाय घुमाय पूंछ मारें तो समस्त पार्श्व भाग सूज जाए तुम्हारा. दूसरा बजरंगी भाईजान. कंटीले तार में घुस कर जाय चढ़ा पाकिस्तान. कहते हैं हुवां जो जाता है लउट के नहीं आता. मोदी जी के अलावा. बजरंगी गया. काहे? मोहब्बत के लिए. एक बच्ची को अपनी फैमिली से मिलाने के लिए. वो बेचारा लट्ठ खाया पाक सेना के. प्यार के लिए. तुम प्यार को निपटाने के लिए लट्ठ भांज रये हो. कुछ फरक समझ में आ रहा. कहां वो दुन्नो बजरंगी. कहां उनके नाम पर दाल भात में मूसरचंद बने जंगी. जिनको प्यार की भाषा समझ नहीं आती.
तुम कह रहे हो कि इससे हमारी संस्कृति पर बट्टा लग रहा है. संस्कारों का गड़ासा गोठिलाया जा रहा है. तुमको पता है अपनी संस्कृति? अपना संस्कार ये है कि प्रेमलीला में मग्न जीव की तरफ देखो मत. इंसान हो चाहे जानवर. उसे डिस्टर्ब करना तो दूर की बात. उसे अपना काम करने दो तुम अपना काम करो. बेद पुराण कुछ पढ़े हो कि नै? उस जमाने में कामलीला में लगे कपल को डिस्टर्ब करो तो दन्न से श्राप फेंकता था. डिस्टर्ब करने वाला जहां का तहां भसम.
महाभारत में लिखा है कि पांडु की मौत यही लिए भयी जो तुम लोगन जइसा काम करते रहे. जंगल में अपनी औरत संग घूम रहे थे. सेक्स कर रहे हिरन के जोड़े को मार दिया. उस जोड़े ने मरने से पहले पांडु को श्राप दिया जिसके कारण वो अपनी बीवी के साथ कुछ न कर सकते थे. जैसे किया बस चले गए ऊपर. ये होता था उस जमाने में. तुम लोग समझा रहे हो कि इश्क प्यार सेक्स सब संस्कार नाश करता है. तुमको पता भी है कि हिंदू धरम में सेक्स डिपार्टमेंट देखने के लिए बाकायदा एक देवता की पोस्टिंग की गई है. जिनका नाम है कामदेव.
खैर हम तो बहुत दूर निकल गए समझाने के फेर में. वैलेंटाइन डे से कइसा गड़बड़ लगता है तुमको. भैये इश्क का त्योहार है. यही इश्क जिसकी वजह से दुनिया कुछ रहने लायक है. ये खतम हो जाए तो क्या बचता है? हिंदू मुस्लिम, अमेरिका अरब, ISIS, दक्खिन वाम, मंदिर मज्जिद, लंतरानी पॉलिटिक्स, उठापटक, गोली शोली, AK47 ग्रेनेड और तुम्हारे लट्ठ. इसके अलावा रह जाएंगे तुमए भाई बंद राम सेना, हिंदू सेना, अलाने परिषद फलाने संगठन. ऊपर से तुमए मातृ पितृ दिवस वाले जेलाधीश आसाराम. कित्ती बोगस दुनिया हो रहेगी यार. सोच कर दिमाग भन्ना जाता है. अब बात ये है कि अगर इस मौके पर आप सबन संगठन लोग लट्ठ नहीं भांजोगे तो करोगे क्या? जवाब सीधा है. इश्क करो. साथी खोजो. दुनिया के झंझट भूल कर डूब जाओ. प्यार करो और करने दो.