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रामनवमी के दिन शुरू हुई हिंसा आखिर रुक क्यों नहीं रही है?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से दोहराया कि बंगाल के बाहर से लोगों को दंगा के लिए बुलाया जा रहा है.

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नालंदा और सासाराम सहित पांच जिलों में हिंसा (फोटो- पीटीआई)

3 मार्च को हम बंगाल और बिहार की बात कर चुके हैं. हमने सवाल भी पूछा था कि 30 मार्च 2023 को रामनवमी के दिन शुरू हुई हिंसा आखिर रुक क्यों नहीं रही है? आज 24 घंटे बाद भी हमारा सवाल वही है. क्योंकि हिंसा रूक नहीं रही है. टूटी गाड़ियों और चारों ओर सड़कों पर पड़े ईंट-पत्थर देखिए. आपको अंदाजा हो जाएगा कि हालात यहां कितने खराब है. बीती रात रिसड़ा में फिर से उपद्रव हुआ. उपद्रवियों के निशाने पर रिसड़ा रेलवे स्टेशन था. रेलवे स्टेशन के बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें रोकने की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया. जवाब में सुरक्षाकर्मियों ने भी उपद्रवियों पर पत्थर फेंके. कुछ उपद्रवी स्टेशन के अंदर भी घुस गए और नारेबाजी की.

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रात में हुए उपद्रव का असर ट्रेनों की आवाजाही पर भी पड़ा. हावड़ा-बंदेल रूट की कई ट्रेनें रोक दी गईं. हालात सामान्य होने के बाद दोबारा आवाजाही शुरू हुई. रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में RPF के जवानों को तैनात किया गया है. इसके अलावा आज सुबह RPF और राज्य पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया. पुलिस का दावा है कि हालात सामान्य है. जिस जगह पर हिंसा हुई थी वहां आज प. बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस पहुंचे. उन्होंने पीडितों से मुलाकात की, और प्रशासन से हालात का जायजा लिया. उन्होंने दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही.  

हुगली जाने वालों की लिस्ट में राज्यपाल सीवी आनंद बोस का नाम इकलौता नहीं था. बीजेपी नेता भी आज हिंसा के खिलाफ धरने पर बैठना चाहते थे. लेकिन पुलिस ने ऐसा होने नहीं दिया. धारा 144 लगा दी और मंच हटा दिया गया. बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांता मजूमदार समेत कई नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया. इस पर सुकांता मजूमदार ने कहा कि पुलिस और राज्य सरकार दोनों, अपना नियंत्रण खो चुकी हैं. कुछ गुंडों ने प. बंगाल की कानून व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है.

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दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से दोहराया कि बंगाल के बाहर से लोगों को दंगा के लिए बुलाया जा रहा है. ममता ने आरोप लगाया कि बाहर से सेंट्रल फोर्स बंगाल आई थी. यहां एक फाइव स्टार होटल में ठहरी. दंगा भड़काने के बाद बीजेपी नेताओं के साथ मीटिंग की और फिर वापस लौट गई. ममता ने बिहार के मुंगेर से गिरफ्तार एक युवक का भी जिक्र किया. जिसका वीडियो कथित तौर पर हावड़ा के रामनवमी जुलूस में हथियार लहराते वायरल हुआ था.

TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने इस युवक के वीडियो को शेयर करते हुए जुलूस में हथियारों के प्रदर्शन का आरोप लगाया था. जिसके बाद बीजेपी ने कहा था कि ये विश्व हिंदू परिषद की रैली का नहीं है. फिलहाल हावड़ा पुलिस ने 19 साल के सुमित शॉ को मुंगेर से गिरफ्तार किया है और पूछताछ कर रही है. फिलहाल बंगाल पुलिस ने हावड़ा और हुगली हिंसा से जुड़े मामलों में 90 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है.

इससे पहले 3 अप्रैल को कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को रामनवमी हिंसा से जुड़े मामलों पर एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार बताए,  हिंसा की घटनाओं को रोकने और प्रभावित इलाकों में शांति स्थापित करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए? कोर्ट ने राज्य सरकार को 5 अप्रैल तक रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया था. कोर्ट ने संबंधित CCTV फुटेज और वीडियोज भी जमा कराने को कहा है. कोर्ट ने ये निर्देश विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर दिया था. सुवेंदु अधिकारी ने हिंसा की जांच NIA से कराने की मांग करते हुए ये याचिका दायर की थी.

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बंगाल के बाद अब खबर बिहार की. बिहार के नालंदा में आज 5वें दिन भी धारा 144 लागू है और पूरे जिले में इंटरनेट सेवाएं और स्कूल-कॉलेज बंद हैं. अब तक 15 FIR दर्ज की जा चुकी है. बिहार पुलिस के मुताबिक रामनवमी के बाद हुई हिंसा की घटनाओं में अब तक 173 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सासाराम में 3 FIR और 43 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. जबकि नालंदा में 15 FIR और 130 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि माहौल शांतिपूर्ण है. सुरक्षा बल लगातार कैंप कर रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पैरामिलिट्री फोर्सेज की 10 कंपनियों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार भेजा है. नालंदा में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आज अलग-अलग राजनीतिक दलों ने एक सद्भावना यात्रा निकाली.

नालंदा से अब पटना चलते हैं. 3 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक इफ्तार पार्टी में शामिल हुए तो बीजेपी ने हमला बोल दिया. बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये संदेश है रामनवमी पर पत्थर चलेंगे और इफ्तार होगा. वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार को इस्लामिक स्टेट बनाना चाहते हैं. बीजेपी नेताओं के अलावा AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी नीतीश कुमार पर हमला बोला. इन राजनैतिक हमलों को देखकर ऐसा लगता है कि गुलज़ार साहब ने नीतीश के लिए ही ये लिखा था -

"दोनों तरफ से बजती है ये
आय हाये ज़िन्दगी क्या ढोलक है."

यहां तक आते-आते जितनी जानकारी हमने आपको दी, और जितने बयान आपको सुनाए, वो एक ही तरफ इशारा करते हैं. कि हालात कितने कम बदले हैं. दंगाई दंगा कर रहे हैं. प्रशासन शांति के हवा-हवाई दावे कर रहा है. और नेता कर रहे हैं तू-तू, मैं-मैं. ये प्रेशर टेक्टिक नहीं, तो और क्या है. ये जितने स्टेकहोल्डर हैं, नेता, पुलिस और दंगाई यही तो देखना चाह रहे हैं कि हम कितना आगे जा सकते हैं. अपनी कहां तक मनवा सकते हैं. आप दर्शक भी एक बात का ध्यान रखें. ये लोग ये भी देख रहे हैं कि आप कब तक खामोश रहते हैं.

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