वो कलाकार आदमी है राजकमल आइच. राजकमल ने टैम्पॉन से आर्ट बनाई है. अब भी देश में सिर्फ 12 फीसदी औरतें सेनेटरी पैड यूज़ करती हैं. उस पर भी सरकार ने 12 फीसदी का टैक्स लगा दिया है. अब इन्हें कौन बताए कि ये हमारी पसंद की नहीं बल्कि ज़रूरत की चीज़ है. इसे खरीदना 'लक्ज़री' नहीं है. ख़ैर, औरतों को जागरूक करने के लिए कुछ लोग दौड़ा-भागी कर रहे हैं तो कुछ काली पन्नी ढूंढ रहे हैं. इन सब बातों पर बहस करने के लिए ही राजकमल ने ये अनूठी कलाकारी की है.
कुछ तस्वीरें-

एक छोटी बच्ची है. जिसका बचपन अभी अपने चरम पर है. पीरियड को समझ पाना बेहद मुश्किल है उसके लिए. राजकमल ने उसे टैम्पॉन से बने कमोड पर बैठा दिखाया है. झुका चेहरा उसकी तकलीफ दिखा रहा है.
इसी तरह एक बच्ची गुब्बारे के पीछे भाग रही है. लेकिन वो गुब्बारा एक टैम्पॉन है.

टैम्पॉन से एक गमला बनाया गया है. इस गमले में फूल खिले हैं.
कई लोग जुटे हैं कि हर औरत की ज़िंदगी के बेहद अहम पर सब सहज हो जाएं. जिससे औरत भी सहज हो सके. लेकिन मंज़िल अभी दूर है. अभी तो हमने चलना शुरू किया है.
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