1.
11 साल की उम्र में बड़े बड़ों को अपनी काबिलियत से टक्कर देने वाले रामानुजन ने कभी मैथमेटिक्स की कोई ट्रेनिंग नहीं ली.2.
12 साल की उम्र तक रामानुजन अपनी थ्योरम बनाने लगे थे.3.
रामानुजन ने अपनी लाइफ में 3900 इक्वेशन बनायीं. इनमें से अधिकतर सही साबित हुईं.
2010 में रामानुजन के सम्मान में जरी किया गया डाक टिकट. (सोर्स: viola)
4.
रामानुजन अपना मैथ्स का पेपर आधे टाइम में खत्म कर लिया करते थे.5.
16 साल की उम्र में उन्होंने जी एस कार की किताब 'A Synopsis of Elementary Results in Pure and Applied Mathematics' पढ़ी. उनके करीबी मानते हैं कि इसी किताब ने उन्हें जीनिअस बनने के लिए किक दिया.6.
कॉलेज में पढाई करने के लिए उन्हें स्कालरशिप मिली. पर वो मैथ्स में इतना ध्यान लगाते थे कि बाकी विषयों में फेल हो जाते. इसलिए ये स्कालरशिप उनके हाथ से चली गई.
2011 में रामानुजन के सम्मान में जरी किया गया डाक टिकट. (सोर्स: viola)
7.
18 साल की उम्र में रामानुजन घर से भाग गए थे. कुछ दिनों बाद मद्रास के एक कॉलेज में एडमिशन लिया. पर मैथ्स को छोड़कर बाकी विषयों में फेल होते रहने की वजह से कॉलेज छोड़ दिया और रिसर्च में लग गए. सर्जरी के बाद वो बीमार पड़ गए और उन्हें लगता था कि वो बच नहीं पाएंगे. पर वो ठीक हो गए.8.
22 साल की उम्र में उनकी शादी 10 साल की जानकी से हुई. शादी के बाद ही रामानुजन को 'हाइड्रोसील टेस्टिस' यानी टेस्टीकल्स (अंडकोश) में होने वाली एक बीमारी हो गई. घर की हालत इतनी खराब थी कि इलाज कराने के पैसे नहीं थे. पर एक डॉक्टर ने उनकी फ्री सर्जरी की.9.
26 की उम्र में उन्होंने अंग्रेज मैथेमैटीशियन जी एच हार्डी को एक चिट्ठी में अपने 120 फंडे लिख कर भेजे. इन्हें पढ़कर हार्डी हो गए सन्न. और दन्न से बुला लिया रामानुजन को कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में.
कैंब्रिज में रामानुजन की एक तस्वीर. बिलकुल बीच में खड़ा है हमारा जीनियस. (सोर्स: विकीपीडिया)
10.
1917 में ये लन्दन मैथेमैटिकल सोसाइटी के मेम्बर चुने गए. 1918 में रॉयल सोसाइटी में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के मेम्बर.11.
जानने वाले कहते थे कि रामानुजन धरम-करम के पक्के आदमी थे. बातचीत कम करते और शर्मीले टाइप के थे.12.
रामानुजन की हेल्थ खराब रहती थी. इंग्लैंड आ जाने के बाद लाइफ में स्ट्रेस बढ़ गया. और पक्के ब्राह्मण होने की वजह से गोश्त नहीं खाते थे. पहले विश्व युद्ध के समय शाकाहारी खाना न मिलने की वजह से बीमार पड़ गए.
कुंबकोड़म में रामानुजन का घर (सोर्स: विकीपीडिया)
13.
रामानुजन मद्रास वापस आ गए. 32 की उम्र में डेथ हो गई.14.
सितम्बर 2015 में रिलीज हुई इनपर बनी फिल्म The Man Who Knew Infinity. फिल्म इसी नाम की उनकी बायोग्राफी पे बनी. बायोग्राफी लिखने वाले थे रॉबर्ट कनिगेल. और देव पटेल ने किया था इसमें श्रीनिवास रामानुजन का रोल.फिल्म का एक क्लिप यहां देखें:
https://www.youtube.com/watch?v=O5qA8VHVkqI
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