सुप्रीम कोर्ट ने UAPA मामलों में जमानत याचिकाओं की जांच की, जिसमें अनुच्छेद 21 और लंबी पूर्व-परीक्षण हिरासत को विशेष कानून के तहत सख्त जमानत मानकों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया. अदालत ने कई आरोपियों को देरी और उनकी व्यक्तिगत भूमिकाओं का हवाला देते हुए जमानत दे दी, जबकि उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी गई. अदालत का मानना था कि उनके खिलाफ प्राइमा फेसी मामला बनता है, हालांकि भविष्य में जमानत की संभावना बनी रहेगी.
उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने UAPA मामलों में जमानत मानकों को अनुच्छेद 21 के साथ संतुलित करने का प्रयास किया. जिसके तहत कई आरोपियों को बेल मिली लेकिन शरजील इमाम और उमर खालिद की याचिका खारिज हो गई.
Advertisement
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)





















