सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर गुस्सा असली नहीं होता. कई क्रिएटर्स जान-बूझकर ऐसा कंटेंट बनाते हैं जिससे लोग भड़कें, बुरा महसूस करें और इमोशनल होकर रिएक्ट करें, ताकि उन्हें ज़्यादा एंगेजमेंट मिल सके. इस तरीके को "रेज-बेट" (ragebait) कहा जाता है. रेज-बेट कैसे काम करता है, विवादित कंटेंट इतनी तेज़ी से क्यों फैलता है, और कैसे आपका गुस्सा अक्सर किसी और के लिए मुनाफ़ा बन जाता है. वायरल रील्स और इन्फ्लुएंसर कल्चर से लेकर ऑनलाइन गुस्से के दौर तक, यह कहानी उस "अटेंशन इकॉनमी" (ध्यान खींचने वाली अर्थव्यवस्था) को समझती है जो आज के सोशल मीडिया को चलाती है. क्योंकि व्यूज़, क्लिक्स और शेयर्स की दुनिया में आपका ध्यान बहुत कीमती है और कभी-कभी उसे खींचने का सबसे आसान तरीका आपको गुस्सा दिलाना होता है. क्या है पूरी कहानी, जानने के लिए देखें वीडियो.
Ragebait Content: शबनम पर बने Memes देखकर हंसी कैसे आई?
वायरल रील्स और इन्फ्लुएंसर कल्चर से लेकर ऑनलाइन गुस्से के दौर तक, यह कहानी उस "अटेंशन इकॉनमी" (ध्यान खींचने वाली अर्थव्यवस्था) को समझती है जो आज के सोशल मीडिया को चलाती है.
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