सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों की ओर से मुफ्त में दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाया है. कोर्ट ने पूछा कि आखिर फ्री की रेवड़ी कब तक बांटी जाएगी? कोविड महामारी के बाद से मुफ्त राशन की बजाय रोजगार के अवसर बनाने की जरूरत है. कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा 81 करोड़ लोगों को राशन देने पर हैरानी जताई. NJO की ओर से दायर एक मामले में वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि उन प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन मिलना चाहिए. जो ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं. इस पर बेंच ने कहा कि आखिर कब तक फ्री की सुविधाएं दी जाएंगी. देखें वीडियो.
‘फ्री की रेवड़ी कब तक…’ सरकार से सुप्रीम कोर्ट के गंभीर सवाल?
कोर्ट ने पूछा कि आखिर फ्री की रेवड़ी कब तक बांटी जाएगी? कोविड महामारी के बाद से मुफ्त राशन की बजाय रोजगार के अवसर बनाने की जरूरत है.
Advertisement
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)





















