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फतेहपुर विवाद: CM योगी ने मंत्री को आरोपियों का नाम लेने से रोका, अखिलेश ने वीडियो शेयर कर दिया

UP विधानसभा में BJP मंत्री Suresh Khanna फतेहपुर में मकबरे में तोड़फोड़ के मामले के आरोपियों का नाम ले रहे थे. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उन्हें टोक दिया.

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आरोपियों के नाम लेने से टोकने पर अखिलेश यादव ने CM योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. (X @yadavakhilesh)

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बने मकबरे में तोड़फोड़ का मुद्दा विधानसभा में भी गूंजा. 12 अगस्त को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने इस मामले को पूरे जोर-शोर से उठाया. वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार भी इस मुद्दे पर पूरी तरह मुखर नजर आई. लेकिन उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव का ध्यान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गया. दरअसल, सीएम योगी ने मंत्री सुरेश खन्ना को इस घटना के आरोपियों का नाम लेने से ऐन पहले टोक दिया.

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बस यहीं अखिलेश यादव को सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसने का मौका मिल गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम योगी ने संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना को ‘सच बोलने से रोक लिया’. सपा अध्यक्ष ने इस घटना का वीडियो एक्स पर शेयर किया है.

अखिलेश यादव ने लिखा,

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"जब मुख पर 'मुख्य' ही पाबंदी लगा रहे हैं, तो सत्य कैसे सामने आएगा."

दरअसल, सदन में समाजवादी पार्टी ने फतेहपुर की घटना पर सवाल दागने शुरू किए. इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना सरकार की तरफ से जवाब देने आगे गए. फतेहपुर की घटना में शामिल आरोपियों के बारे में सदन को जानकारी देते हुए सुरेश खन्ना ने कहा,

"10 लोग नामजद हैं. 11वां 150 लोग अज्ञात... हम नाम पढ़े दे रहे हैं मान्यवर..."

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वीडियो में दिखता है कि सुरेश खन्ना के इतना कहते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें टोक देते हैं. इसके बाद सुरेश खन्ना आरोपियों का नाम लेने से रुक जाते हैं. फिलहाल, यह साफ नहीं है कि सीएम योगी ने उन्हें नाम लेने से क्यों रोका.

दरअसल, अगस्त 2024 में लखनऊ के गोमतीनगर में एक महिला के यौन उत्पीड़न के मामले में सीएम योगी ने विधानसभा में आरोपियों के नाम लिए थे. उन्होंने कहा था,

"पहला अपराधी है पवन यादव, दूसरा अपराधी मोहम्मद अरबाज. ये सद्भावना वाले लोग हैं."

कुछ दिन बाद पवन यादव ने अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. पवन ने बताया कि वो उस शाम गोमतीनगर में एक चाय की दुकान पर काम कर रहे थे. इस पर अखिलेश यादव ने कहा था कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करें. उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद आरोपियों के नाम जारी किए जाएं.

वीडियो: यूपी विधान सभा में विपक्ष का भारी विरोध, सीएम योगी आदित्यनाथ ने माता प्रसाद को क्या जवाब दिया?

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