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BLO ने सोती हुई पत्नी को जगाकर थमाया SIR का नोटिस, खुद की भी गलती मानी

West Bengal SIR: BLO चुनाव आयोग का नोटिस लेकर घर पहुंचे. दोपहर के समय उनकी पत्नी घर में आराम कर रही थीं. उन्हें जगाकर SIR की सुनवाई का नोटिस थमाया. हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने खुद को भी उसी नोटिस का हिस्सा बनाया.

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BLO ने खुद की पत्नी को थमाया SIR का नोटिस. (Photo: ITG)
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सुजाता मेहरा

पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने खुद को और अपनी पत्नी को ही SIR का नोटिस भेज दिया. उन्होंने अपनी पत्नी को नींद से जगाया और नोटिस थमाया. यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. स्थानीय अधिकारी BLO की ईमानदारी और निष्पक्षता की तारीफ कर रहे हैं. तो वहीं कुछ लोग इस पर हैरानी भी जता रहे हैं.

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क्या है पूरा मामला?

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले का है. यहां के कटवा शहर के रहने वाले देबाशंकर चट्टोपाध्याय प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं. वह बूथ नंबर 165 के लिए BLO के तौर पर नियुक्त हुए हैं. हाल ही में SIR के तहत जब वोटर लिस्ट का वेरीफिकेशन किया गया तो देबाशंकर के डॉक्यूमेंट्स में कुछ गड़बड़ियां पाई गईं. साथ ही उनकी पत्नी अनिंदिता चौधरी के फॉर्म में भी कुछ दिक्कत थी. इसके बाद चुनाव आयोग के ऐप पर दोनों को इन गड़बड़ियों का नोटिस जारी हुआ.

इसके बाद देबाशंकर ने बिना किसी संकोच के अपने कर्तव्य का पालन किया. वह चुनाव आयोग का नोटिस लेकर घर पहुंचे. दोपहर के समय उनकी पत्नी घर में आराम कर रही थीं. उन्हें जगाकर SIR की सुनवाई का नोटिस थमाया. हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने खुद को भी उसी नोटिस का हिस्सा बनाया. यह सब देखकर थोड़ी देर के लिए उनकी पत्नी भी चौंक गईं.

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कानून सबके लिए समान: BLO

अब देबाशंकर और उनकी पत्नी अन्य नागरिकों की तरह लाइन में खड़े होकर SIR की सुनवाई में शामिल होंगे. खुद को और पत्नी को नोटिस देने के मामले पर देबाशंकर का कहना है कि वह भले बीएलओ हैं, लेकिन चुनाव आयोग के नियमों से ऊपर नहीं. कानून की नजर में सभी समान हैं, चाहे वह उनका अपना परिवार ही क्यों न हो. बताया गया है कि देबाशंकर के पिता के नाम की मात्रा में कुछ गलतियां थीं. इसके अलावा उपनाम में भी विसंगति थी. वहीं उनकी पत्नी और उसके पिता के बीच उम्र के अंतर को लेकर कुछ गड़बड़ी थी, जिसके बाद आपत्ति उठाई गई थी.

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