उत्तराखंड के कोटद्वार में एक मुस्लिम व्यक्ति की दुकान का नाम बदलने को लेकर बजरंग दल के लोगों ने बवाल कर दिया. पटेल मार्ग पर मौजूद दुकान के नाम में ‘बाबा’ लगा है. हिंदुत्ववादी संगठन के लोग इसे ही बदलने के लिए कह रहे थे. एक वायरल वीडियो में कार्यकर्ता बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से उलझते दिखाई दे रहे हैं. फिर एक शख्स जो अपना नाम वीडियो में ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हैं, वो बजरंग दल के लोगों का विरोध करते हैं. दोनों पक्षों में कहासुनी होती है. बाद में दीपक और उनके साथी मिलकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को वहां से धक्के मारकर भगा देते हैं.
कौन है ये शख्स जिसने बजरंग दल वालों को मुस्लिम की दुकान से धक्के देकर निकाला?
उत्तराखंड के कोटद्वार में एक विशेष समुदाय की दुकान के 'बाबा' नाम को लेकर विवाद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.


इंडिया टुडे से जुड़े विकास वर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, कोटद्वार में बाबा सिद्धबली नाम से एक हनुमान मंदिर है. मंदिर का प्रभाव ऐसा है कि यहां के लोग अपने निजी जीवन से, कारोबारी जीवन से बाबा का नाम जोड़कर रखना चाहते हैं. वहां की गलियों में जाएंगे तो कई दुकानें ऐसी मिल जाएंगी, जिसका नाम 'बाबा' से शुरू होगा. ‘बाबा पुस्तक केंद्र’, ‘बाबा जनरल स्टोर’, ‘बाबा पान की दुकान’.
ऐसे ही 'बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर' नाम की एक दुकान भी कोटद्वार के पटेल मार्ग पर है. इसी दुकान पर 26 जनवरी वाले दिन बजरंग दल के कार्यकर्ता घुस आए और दुकान के मालिक से कहने लगे, “हमने पहले भी आपको दुकान का नाम बदलने को कहा था लेकिन अब तक बदला क्यों नहीं?”
दुकानदार दलील देते हैं कि 30 साल से वो ये दुकान चला रहे हैं. 30 साल से यही नाम है. जीएसटी दफ्तर में भी इसी नाम से दर्ज है. ऐसे में नाम कैसे बदल दें? लेकिन, कार्यकर्ता उनकी एक नहीं सुनते. सारी घटना का वीडियो भी बन रहा होता है. बजरंग दल वालों की आपत्ति है कि दुकान के मालिक मुस्लिम हैं और ‘बाबा’ नाम रखने का अधिकार केवल हिंदू समुदाय के लोगों को है. वीडियो में एक युवक को ये बातें साफ कहते सुना भी जा सकता है.
कार्यकर्ता दुकानदार से नाम बार-बार नाम बदलने के बारे में पूछते हैं. उन पर दबाव बनाते हैं. उन्हें याद भी दिलाते हैं कि उन्होंने कहा था कि दुकान नई जगह ले जाने पर नाम बदल देंगे. लेकिन अभी तक नहीं बदला? वो जबरदस्ती दुकान के मालिक से पूछते हैं कि वो बताएं कि कब तक दुकान का नाम बदलेगा?
तभी थोड़ा सीन चेंज होता है. एक व्यक्ति की वीडियो के फ्रेम में एंट्री होती है. वह बजरंग दल वालों के बर्ताव का विरोध करता है. नाम पूछने पर अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक' बताता है. दीपक उनसे पूछते हैं कि बाबा नाम रख लेने से क्या हो गया? इस पर एक कार्यकर्ता बोलता है कि ये हमारे सिद्ध बाबा का नाम है.
दीपक पूछते हैं कि इतनी सारी दुकानों के नाम पर ‘बाबा’ लिखा तो है? जवाब मिलता है कि वो सब हिंदू हैं. ये मुसलमान हैं. इस पर युवक कहता है, “मुसलमान होने से क्या हो गया. क्या मुस्लिमों में पीर बाबा नहीं होते?”
इसी को लेकर दीपक और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में जमकर बहस होती है. बवाल देखकर आसपास के लोग भी जुट जाते हैं. वीडियो के आखिर में देखा जा सकता है कि दीपक और उनके एक अन्य साथी मिलकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को धक्के मारकर भगा देते हैं.
इंडिया टुडे से जुड़े विकास से बातचीत में दीपक ने बताया कि घटना 26 जनवरी की है. बुजुर्ग व्यक्ति दुकान में कुछ बजरंग दल के लोग घुस गए थे. उन्होंने 70-75 साल के उस बुजुर्ग के साथ काफी बद्तमीजी की. दीपक ने आगे बताया,
वहां पर बहसबाजी चल रही थी तो हमने उनसे पूछा कि दुकान का नाम क्यों बदलना है. उन्होंने कहा कि यह बाबा नाम हमारे सिद्धबली बाबा का नाम है. मैंने उनको बोला कि बाबा तो हर जाति में लिखा जाता है. बच्चों को भी बाबा बोला जाता है. बुजुर्गों को बाबा बोला जाता है. जो पीर बाबा हैं, उन्हें भी बाबा कहा जाता है.
दीपक ने आगे बताया,
जब उन्होंने मुझसे मेरा नाम पूछा तो वैसे तो मेरा नाम दीपक कुमार है, लेकिन मैंने उनको अपना नाम मोहम्मद दीपक बता दिया. मैंने ये इसलिए कहा क्योंकि हिंदू-मुस्लिम हम सब एक हैं.
इस मामले में किसी पक्ष के खिलाफ शिकायत के बारे में जानकारी नहीं मिली है. कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने बताया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं. जो भी सामाजिक माहौल खराब करेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी.
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