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WinGo पर पैसे जीतने के लालच में न पड़ें, ऐप सिर्फ जेब नहीं काट रहा, क्राइम भी करवा रहा

WinGo App प्रॉफिट दिखाकर अपने यूजर्स का भरोसा जीतता है. आप छोटे-मोटे रिवार्ड के लालच में इसके सुझाए हुए टास्क करने लगेंगे. और आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आप खुद भी एक क्राइम में शामिल हो चुके हैं.

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WinGo ऐप आपकी मेहनत की कमाई खाली कर सकता है (PHOTO-X)

पैसे कमाने के लिए शॉर्टकट लेना, कोई ऐप डाउनलोड करना, भारी पड़ सकता है. ऐसा ही एक ऐप आजकल मार्केट में घूम रहा है. नाम है WinGo App. कभी किसी ऐड में या रील्स स्क्रोल करते वक्त नजर आया होगा. इस ऐप को लेकर सरकार और पुलिस दोनों ने वॉर्न किया है. खासकर Android यूजर्स को. ये एक अर्निंग ऐप है. अर्निंग ऐप यानी एक ऐसी ऐप जिसके जरिए यूजर पैसे, गिफ्ट या कैशबैक कमा सकता है. इसके लिए यूजर को कुछ छोटे-छोटे टास्क करने होते हैं. इन टास्क के बदले में यूजर ऐप से पैसा कमाता है. WinGo भी इसी तरह की एप्लीकेशन है. ये अपने यूज़र्स को आसानी से और जल्दी पैसा कमाने का लालच देता है. आप जैसे ही अपने फोन में इसे इंस्टॉल करेंगे, ये ऐप आपको दिनभर में 80-100 मैसेज भेजेगा. अपने यूजर्स को छोटे-मोटे टास्क देगा. जैसे मैसेज फॉरवर्ड करने का टास्क. बदले में आपको कुछ रिवॉर्ड मिलेगा. बस यहीं आप पिघल जाएंगे. प्रॉफिट दिखाकर ये ऐप अपने यूजर्स का भरोसा जीतता है. आप छोटे-मोटे रिवार्ड के लालच में इसके सुझाए हुए टास्क करने लगेंगे. और आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आप खुद भी एक क्राइम में शामिल हो चुके हैं. 

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आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि ये टास्क देखने में सामान्य लगते हैं. लेकिन, असल में इनका संबंध साइबर क्राइम से होता है. इस ऐप को देश में लाखों लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. अधिकतर यूजर्स टेलीग्राम के जरिए इससे जुड़े हैं. अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगों की ऑडियंस सेट होती है. वो ऐसे कमजोर वर्ग को टारगेट करते हैं, जिन्हें साइबर फ्रॉड जैसी चीजों की ज्यादा जानकारी नहीं होती. लिहाजा ऐसे लोग आसानी से लालच में फंस जाते हैं.

ध्यान देने वाली एक और बात है. ये ऐप आपसे इंवेस्टमेंट भी कराता है. अच्छे भविष्य का सपना दिखाकर ये आपको इन्वेस्टमेंट स्कीम से जोड़ता है. तरह-तरह की स्कीम का लालच देता है. यूजर्स इसके जाल में ऐसा फंसते हैं कि मेंबर्स बढ़ाने के चक्कर में अपने दोस्तों और सगे-संबंधियों को भी ऐप में जोड़ लेते हैं. WinGo ऐप डायरेक्ट बैंक अकाउंट में पैसा लेने की बजाय UPI या अपने निजी वॉलेट में पैसा ट्रांसफर कराता है. जिससे ट्रांजैक्शन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है.

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ये ऐप कैसे खेल करता है?

ये आपका डाटा भी चुराता है. जब ऐप को आप फोन में Install करते हैं तो ये लोकेशन, फोटो गैलरी, कॉन्टैक्ट्स वगैरह, वगैरह का एक्सेस मांगता है. आमतौर पर यूजर्स बिना ध्यान दिए सबका एक्सेस दे देते हैं. इसी बात का फायदा उठाकर ऐप यूजर का डाटा आराम से चुरा लेता है. एक बार आपने इसमें अपना पैसा इन्वेस्ट कर दिया, उसके बाद ये ऐप गायब हो जाता है. ये यूजर के अकाउंट को ब्लॉक कर देता है. कई मामलों में ऐप प्ले स्टोर से भी गायब हो जाता है. डरते-घबराते यूजर ऐप पर दिए गए कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करते हैं. झटका तब और लगता है, जब पता चलता है कि दिए गए कस्टमर केयर नंबर्स भी फर्जी होते हैं. यानी जरा से लालच में यूजर ना घर का रहता है ना घाट का. इस फ्रॉड का कई लोग शिकार हो चुके हैं. मामले पर जानकारी देते हुए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा,

ई-चालान से जुड़े साइबर फ्रॉड की जांच में WinGo नाम के संदिग्ध अर्निंग ऐप के बारे में पता चला. बिना मेहनत ज्यादा कमाई, एसएमएस टास्क, मैसेज फॉरवर्डिंग या डिपॉजिट मांगने वाले ऐप्स और प्लेटफार्म से सावधान रहें. संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या नजदीकी पुलिस से करें.
 

इस ऐप से जुड़े मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने भी इस ऐप के खिलाफ एक्शन लिया है. गृह मंत्रालय ने,

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  • ऐप के सर्वर को ब्लॉक कर दिया गया.
  • 1.53 लाख यूज़र्स वाले चार टेलीग्राम चैनल्स को भी बंद कराया गया है.
  • 53 से ज्यादा यूट्यूब वीडियो हटाए गए.
     
इस ऐप के फ्रॉड से बचना कैसे है?
  • गारंटीड कमाई या डेली प्रॉफिट का दावा करने वाली ऐप्स से दूर रहें.
  • डाउनलोड करने से पहले ऐप की कंपनी, रजिस्ट्रेशन, वेबसाइट और रिव्यू जरूर चेक करें.
  • फोन के डाटा एक्सेस की परमिशन नहीं दें.
  • कभी भी एडवांस पैसे ना दें.
  • अनजान UPI/QR कोड पर पेमेंट ना करें.
  • OTP और बैंक डिटेल शेयर नहीं करें.

सबसे जरूरी बात ये है कि अगर आप फ्रॉड का शिकार हो गए हैं तो हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं. शिकायत को cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराया जा सकता है. कुछ समझ ना आए तो फौरन अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत करें. और आगे से किसी भी ऐप से जुड़ने से पहले उसके बारे में अच्छे से जान लें. अपनी मेहनत का पैसा कहीं भी लगाने से पहले 10 बार सोचें और सेफ रहें.

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