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हाथरस भगदड़ में न्यायिक आयोग ने 'भोले बाबा' को दी क्लीन चिट, पुलिस और आयोजकों पर उठाए सवाल

Uttar Pradesh के Hathras में हुए भगदड़ में नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा को क्लीन चिट दे दी गई है. भगदड़ की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस और आयोजकों को इसके लिए जिम्मेदार बताया है.

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नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा को क्लीन चिट मिल गई है. (इंडिया टुडे)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस (Hathras Stampede) में हुए सत्संग में मची भगदड़ मामले में न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है. इस घटना में 121 लोगों की मौत हुई थी. इस रिपोर्ट में नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा को क्लीन चिट दे दी गई है. और भगदड़ के लिए पुलिस और आयोजकों को जिम्मेदार बताया गया है.

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सूत्रों के मुताबिक, न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को कैबिनेट के सामने रखा गया. कैबिनेट ने रिपोर्ट को सदन में रखने की मंजूरी दे दी है. न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस और सत्संग के आयोजकों की लापरवाही को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया है.

आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव भी दिए हैं. आयोग ने बताया है कि पुलिस अफसरों को हर आयोजन स्थल पर खुद जाकर मुआयना करना चाहिए. और आयोजक जिन शर्तों पर कार्यक्रम की अनुमति लेते हैं, उसको सख्ती से लागू कराने का प्रावधान होना चाहिए.

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पिछले साल 2 जुलाई को हाथरस के सिकंदराराऊ के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में साकार नारायण विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई थी. इसमें 121 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस में सत्संग के दौरान हुए भगदड़ की जांच के लिए 2 जुलाई 2024 को तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था. इस आयोग की अध्यक्षता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव कर रहे थे. जबकि  रिटायर्ड IAS हेमंत राव और रिटायर्ड IPS भावेश कुमार सिंह को बतौर सदस्य इसमें शामिल किया गया था.

कौन हैं नारायण साकार हरि?

नारायण साकार हरि मूल रूप से एटा के पटयाली तहसील के बहादुरनगर गांव के रहने वाले हैं. ये इलाका अब कासगंज में आता है. करीब 26 साल पहले पुलिस की नौकरी छोड़कर उन्होंने धार्मिक प्रवचन देना शुरू किया था. अपने प्रवचनों में साकार हरि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में काम करने का दावा भी करते हैं. 

यूपी के मैनपुरी में इनका आश्रम है, जो कि 21 बीघे के इलाके में फैला है. साल 2014 तक साकार हरि ने अपने पैतृक गांव बहादुरनगर में ही सत्संग किया. 2014 के बाद उन्होंने दूसरे राज्यों का दौरा शुरू किया. 2014 में ही उन्होंने अपना बेस बहादुरनगर से मैनपुरी शिफ्ट कर लिया. साल 2000 में इनको 'चमत्कार करने' के मामले में गिरफ्तार किया गया था. लेकिन कुछ दिन बाद सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साकार हरि के कार्यक्रम सिर्फ पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं हैं. दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड में भी उनके कार्यक्रमों में हजारों लोगों की भीड़ पहुंचती है.

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