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ऑस्ट्रेलिया में कौन महात्मा गांधी की मूर्ति पैरों से काटकर ले गया?

महात्मा गांधी की यह प्रतिमा नई दिल्ली स्थित ICCR (Indian Council For Cultural Relations) से उपहार में मिली थी. तत्कालीन ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 12 नवंबर, 2021 को इसका अनावरण किया था.

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ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न से महात्मा गांधी की प्रतिमा चोरी हो गई (एक्स)

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में लगी महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा चोरी हो गई है. चोरों ने एंगल ग्राइंडर से काटकर प्रतिमा को गायब कर दिया. मेलबर्न के रोविल इलाके के ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में स्थापित इस मूर्ति के चोरी होने पर भारतीय ऑस्ट्रेलियाई समुदाय ने चिंता जाहिर की है.

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मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, महात्मा गांधी की यह प्रतिमा नई दिल्ली स्थित ICCR (Indian Council For Cultural Relations) से उपहार में मिली थी. तत्कालीन ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 12 नवंबर, 2021 को इसका अनावरण किया था. इसे भारतीय ऑस्ट्रेलियन समुदाय के लिए महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के प्रतीक के तौर पर देखा जाता रहा है.

इस मामले की जांच विक्टोरिया पुलिस की नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट कर रही है. बताया जा रहा है कि 12 जनवरी को तड़के इस प्रतिमा की चोरी हुई. ऑस्ट्रेलिया टुडे को दिए एक बयान में पुलिस ने बताया,

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 तीन अज्ञात अपराधियों ने किंग्सले कलोज, रोविल स्थित चैरिटी कैम्पस से रात के करीब 12.50 बजे प्रतिमा की चोरी की. अपराधियों ने मूर्ति को काटने के लिए एंगल ग्राइंडर का इस्तेमाल किया. 

विक्टोरिया पुलिस ने आगे बताया कि मामले की जांच जारी है. स्क्रैप मेटल से जुड़े व्यापारियों को चेतावनी दी गई है कि वो कांस्य प्रतिमा बेचने की कोशिश करने वाले किसी व्यक्ति से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

महात्मा गांधी की प्रतिमा की चोरी की घटना से प्रतिमा से जुड़ी एक पुरानी याद ताजा कर दी है. नवंबर 2021 में प्रतिमा के उद्घाटन के 24 घंटों के भीतर ही अज्ञात व्यक्तियों ने गांधी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसकी भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों जगहों पर काफी निंदा हुई थी.

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इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई और मामले की जांच भी हुई. लेकिन किसी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई. महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ हुई तोड़फोड़ खालिस्तानी चरमपंथियों से जुड़े तनाव के दौर में हुई थी.

इससे पहले भी कई पश्चिमी देशों में भारतीय राजनयिक मिशन, सार्वजनिक स्थलों और भारत से जुड़े प्रतीकों को निशाना बनाया गया है. महात्मा गांधी को वैश्विक स्तर पर अहिंसा के प्रतीक के रूप में जाना जाता है. लेकिन खालिस्तान समर्थकों ने अतीत में उनकी प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है.

वीडियो: महात्मा गांधी की प्रतिमा पर गोली चलाने वाली पूजा शकुन गिरफ्तार, क्या आरोप लगे?

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