ईरान के ताजा हालातों के बीच अमेरिका ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी दी है, और कहा है कि ‘सारे विकल्प खुले हैं’. अमेरिका ने ये बात संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक इमरजेंसी बैठक में कही. ईरान द्वारा एयरस्पेस बंद किए जाने के बाद भारत ईरान से अपने नागरिकों को वापस लाने की तैयारी में जुट गया है.
UN में ईरान को अमेरिका की चेतावनी, भारत अपनी तैयारी में जुटा, कुछ बड़ा होने वाला है?
Iran Protest: भारत ने ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी शुरू कर दी है. ईरान में करीब 10,000 भारतीय रहते हैं.


ईरान ने गुरुवार, 15 जनवरी को अस्थायी रूप से अपना एयरस्पेस कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए बंद कर दिया था. ऐसे में भारत ने ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी शुरू कर दी है. ईरान में करीब 10,000 भारतीय रहते हैं. इनमें क़ुम की मदरसों और मशहद में पढ़ने वाले छात्र व तीर्थयात्री शामिल हैं. साथ ही तेहरान और इस्फहान के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र भी इस लिस्ट में हैं.
इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि,
"ईरान में बदलती स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) उन भारतीय नागरिकों की वापसी की व्यवस्था कर रहा है, जो भारत लौटना चाहते हैं."
इससे एक दिन पहले, तेहरान में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से ईरान छोड़ने और विरोध प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहने की अपील की थी.
पहले बैच के स्टूडेंट्स को शुक्रवार, 16 जनवरी की सुबह 8 बजे तक तैयार रहने को कहा गया है. भारतीय अधिकारी और एम्बेसी मिलकर पूरे इवैक्यूएशन का इंतजाम कर रहे हैं.
आने वाले कुछ दिनों में फ्लाइट्स से बाकी सभी स्टूडेंट्स को भी वापस लाया जाएगा.
वहीं, वॉशिंगटन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक इमरजेंसी बैठक में ईरान में चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, UN में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप जरूरत पड़ने पर हिंसा रोकने के लिए कार्रवाई करने को तैयार हैं.
वाल्ट्ज ने आगे कहा,
“प्रेसिडेंट ट्रंप बातों से नहीं, काम से काम लेने वाले इंसान हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि नरसंहार रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं.”
UN की बैठक में अमेरिका और ईरान के अधिकारी आमने-सामने बैठे थे, जहां अमेरिका ने ईरान पर प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप लगाया. वाल्ट्ज के ये बयान ऐसे समय आए जब ट्रंप ने तनाव कम करने के संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि ईरान में हत्याएं अब रोक दी गई हैं.
अमेरिका के अनुरोध पर, दो ईरानी विपक्षी नेता मासिह अलीनेजाद और अहमद बतेबी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित किया. उन्होंने ईरानी अधिकारियों द्वारा अपने साथ हुए व्यवहार के बारे में बताया. ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि को संबोधित करते हुए अलीनेजाद ने कहा,
“मुझे तीन बार मारने की कोशिश की गई. मैंने अपने संभावित हत्यारे को ब्रुकलिन स्थित घर के बगीचे के सामने और मेरे घर पर अपनी आंखों के सामने देखा है.”
अक्टूबर में दो लोगों को 25 साल की सजा सुनाई गई थी, क्योंकि उन्होंने ईरान की ओर से उसे मारने के लिए एक हिटमैन को हायर किया था. बतेबी ने परिषद को जेल में हुए अत्याचार के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि गार्ड्स ने उनके शरीर पर चाकू से कट लगाए और फिर उन घावों में नमक डाल दिया. उन्होंने कहा,
“अगर आप मुझे में विश्वास नहीं करते, तो मैं अभी अपना शरीर दिखा सकता हूं.”
दोनों विपक्षी नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र से ईरान के मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की.
गुरुवार, 15 जनवरी तक विरोध प्रदर्शन काफी हद तक काबू में लग रहे थे. हालांकि ईरान में इंटरनेट और कम्युनिकेशन ब्लैकआउट अभी भी जारी है. पिछले महीने से शुरू हुए प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 2,637 लोग मारे जा चुके हैं. ये प्रदर्शन ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था को लेकर शुरू हुए थे.
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