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UPSC का बड़ा कदम, प्रीलिम्स 2026 के तुरंत बाद आंसर की मिलेगी

UPSC ने यह नया सुधार लंबे समय से अभ्यर्थियों द्वारा उठाई जा रही प्रोविजनल आंसर की जारी करने की मांग को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है. आयोग ने बताया कि यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और एग्जाम सिस्टम में कैंडिडेट्स के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है.

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UPSC चेयरमैन अजय कुमार ने बताया कि इस बार प्रीलिम्स के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर की आएगा. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे)

UPSC ने अब सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स एग्जाम के तुरंत बाद ही प्रोविजनल आंसर की जारी करने का फैसला किया है. अभी तक प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर की भर्ती पूरी होने के बाद जारी की जाती थी. इसमें लगभग 1 साल का समय लगता था. आयोग ने अब मेन्स से पहले ही प्रीलिम्स की आंसर की जारी करने का फैसला किया है.

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UPSC के चेयरमैन अजय कुमार ने बताया कि UPSC पहली बार सिविल सर्विसेज एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा. उन्होंने कहा,

इस फैसले का मकसद परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा से ज्यादा लोगों से जोड़ना और इसकी पवित्रता और मेरिट बेस्ड फ्रेमवर्क को भी बनाए रखना है.

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प्रोविजनल आंसर की 24 मई को जारी की जाएगी. आंसर की जारी होने के बाद सिविल सर्विस एग्जाम के कैंडिडेट्स 31 मई 2026 को शाम 6 बजे तक अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज करा सकेंगे. इसके लिए आयोग ने एक स्पेशल ऑनलाइन पोर्टल 'ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल' (QPRep) बनाया है. यह पोर्टल UPSC Online Portal पर उपलब्ध होगा.

कैंडिडेट्स अपनी समझ के मुताबिक सही आंसर का जिक्र करते हुए ब्रीफ डिटेल और तीन क्रेडिबल सोर्सेज से अपने डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकेंगे. इससे कैंडिडेट्स को एग्जाम में अपने परफॉरमेंस का शुरुआती आकलन करने का मौका मिलेगा, साथ ही वे अपनी आपत्तियां भी दर्ज करा सकेंगे.

कैंडिडेट्स से मिले सभी आपत्तियों को सब्जेक्ट एक्सपर्ट की टीम के सामने रखा जाएगा. ये एक्सपर्ट प्रत्येक आपत्ति और उससे जुड़े डॉक्यूमेंट्स की जांच करेंगे और संबंधित प्रश्नों के आंसर की पर अपनी राय देंगे. सभी प्रस्तुतियों पर एक्सपर्ट्स की राय देने के बाद ही फाइनल आंसर की जारी की जाएगी.

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यह नया सुधार लंबे समय से अभ्यर्थियों द्वारा उठाई जा रही प्रोविजनल आंसर की जारी करने की मांग को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है. आयोग ने बताया कि यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और एग्जाम सिस्टम में कैंडिडेट्स के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है. 

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