उत्तर प्रदेश के रायबरेली (Raebareli) में बजरंग दल के जिला संयोजक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. विनोद मौर्य ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें आधी रात को घर से उठाया और थाने ले जाकर जमकर पिटाई की. जैसे ही यह खबर संगठन के नेताओं को मिली, बवाल मच गया. योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह अपनी ही सरकार की पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए.
यूपी पुलिस ने रातभर बजरंग दल के नेता को थाने में रजाई ओढ़ाकर पीटा, मंत्री-विधायक धरने पर
Bajrang Dal के जिला संयोजक विनोद मौर्य ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें आधी रात को घर से उठाया और थाने ले जाकर जमकर पिटाई की. जैसे ही यह खबर संगठन के नेताओं को मिली, बवाल मच गया.
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आजतक से जुड़े शैलेंद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला सलोन थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस पर बजरंग दल के जिला संयोजक विनोद कुमार मौर्य के साथ मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं. विनोद मौर्य ने आरोप लगाया कि सलोन पुलिस उन्हें रात करीब 12 बजे घर से जबरन घसीटकर ले गई.
इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें थप्पड़ मारे, गाली-गलौज की और थाने ले जाकर रजाई ओढ़ाकर पिटाई की. आरोप है कि इस दौरान उनके परिवार के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया.
पुलिस कार्रवाई के पीछे कोर्ट का आदेश
पुलिस का पक्ष है कि विनोद मौर्य गोकशी से जुड़े एक मामले में गवाह हैं. कोर्ट में कई पेशियों पर अनुपस्थित रहने की वजह से उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया था. इसी वारंट की तामील के लिए पुलिस कार्रवाई की गई. आरोप है कि इस दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया.
धरने पर उतरे VHP और बजरंग दल कार्यकर्ता
घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों ने सलोन थाना प्रभारी राघवन सिंह और एक अन्य सिपाही के निलंबन की मांग की है. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन ने चौकी इंचार्ज समेत तीन सिपाहियों को थाने से हटा दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं.
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आधी रात धरना स्थल पहुंचे मंत्री
मामला ने तब और तूल पकड़ा, जब राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह आधी रात धरना स्थल पर पहुंचे. उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) से कोतवाल को लाइन हाजिर करने की बात कही और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
मंत्री का अपनी ही सरकार की पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठना प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है. धरने के दूसरे दिन सपा के बागी विधायक मनोज पांडे भी प्रदर्शन में शामिल हो गए.
चौकी इंचार्ज और तीन सिपाहियों को हटाए जाने के बावजूद VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता अड़े हुए हैं. उनकी मांग है कि जब तक सलोन कोतवाल राघवन सिंह को लाइन हाजिर या निलंबित नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा.
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