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डॉ. शाहीन शाहिद की कहानी पता चली, UPPSC क्रैक किया, अब जैश कमांडर होने का आरोप

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि शाहीन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात की भारत प्रमुख’ थीं. इसकी कमान JeM कमांडर मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के हाथ में है.

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यूपी की डॉक्टर शाहीन को फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल केस में गिरफ्तार किया गया है (India Today)

फरीदाबाद में बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में एक महिला डॉक्टर का नाम चर्चा में है. लखनऊ के लालबाग इलाके की रहने वाली डॉक्टर शाहीन शाहिद को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. इसके बाद ATS (Anti-Terrorism Squad) ने 11 नवंबर को सुबह कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में छापेमारी की. वहां डॉक्टर शाहीन शाहिद से जुड़े सभी आधिकारिक रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए. ये वही कॉलेज है, जहां पर शाहीन पहले पढ़ाती थीं.

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एनडीटीवी ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि शाहीन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात की भारत प्रमुख’ थीं. इसकी कमान JeM कमांडर मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के हाथ में है. सादिया अजहर के पति यूसुफ अजहर को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने मार गिराया था. वह कंधार विमान अपहरण में भी शामिल था. 

जमात-उल-मोमिनात क्या है?

ऑपरेशन सिंदूर में बड़ा झटका लगने के बाद जैश ने पहली बार अपनी महिला विंग जमात-उल-मोमिनात बनाई है. इसका काम जैश कमांडरों की पत्नियों के अलावा ‘गरीब-कमजोर’ महिलाओं और छात्राओं को आतंकवाद से जोड़ना है. बीती 8 अक्टूबर से पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित मारकज़ उस्मान-ओ-अली से इसकी शुरुआत हुई. दावा है कि डॉक्टर शाहीन जैश की इसी शाखा से न सिर्फ जुड़ी हैं बल्कि भारत में इसे लीड भी कर रही हैं.

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UPPSC से मिली थी कॉलेज में नियुक्ति

इंडिया टुडे से जुड़े सिमर चावला, अरविंद ओझा और श्रेया चटर्जी की रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि डॉ. शाहीन की नियुक्ति उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UP Public Service Commission) के जरिए हुई थी. वह साल 2006 में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर में लेक्चरर बनकर आई थीं. कुछ समय बाद 2009 से 2010 के बीच कन्नौज के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में उनका ट्रांसफर कर दिया गया.

रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज के रिकॉर्ड बताते हैं कि 2013 में शाहीन शाहिद ‘बिना किसी सूचना के कॉलेज से गायब’ हो गई थीं. उनके अचानक गायब हो जाने के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था. इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उनके सभी सेवा रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच शुरू की. कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद डॉ. शाहीन ने कभी कोई जवाब नहीं दिया.

साल 2021 में राज्य सरकार ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं. डॉ. शाहीन ने साल 2015 में अपने पति जफर अयात से तलाक ले लिया था और कथित तौर पर लखनऊ में रहने लगी थीं.

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शाहीन शाहिद हरियाणा के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से भी जुड़ी थीं. यहां के एक प्रोफेसर ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर NDTV से कहा कि शाहीन ‘अनुशासन में नहीं’ रहती थी और अक्सर बिना बताए कॉलेज से चली जाती थीं. उनसे मिलने कॉलेज में कई लोग आते थे और उनका व्यवहार अक्सर ‘अजीब’ रहता था. उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत मैनेजमेंट तक भी पहुंची थी. हालांकि, कॉलेज में किसी ने कभी उन पर शक नहीं किया था.

मुजम्मिल के संपर्क में कैसे आईं?

इसी कॉलेज में शाहीन कश्मीर के रहने वाले डॉक्टर मुजम्मिल गनई उर्फ मूसैब के साथ संपर्क में आईं. मुजम्मिल कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले हैं और अल फला यूनिवर्सिटी में डॉक्टर के तौर पर काम करते थे. श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन वाले पोस्टर लगाने के आरोप में वह जम्मू-कश्मीर में भी वांछित (Wanted) थे. मंगलवार, 11 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि एक कार में भारी मात्रा में राइफल, पिस्टल और गोलियां रखी गई थीं. यह गाड़ी डॉ. शाहीन शाहिद के नाम से Registered थी. HR-51 नंबर प्लेट वाली यह मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार मुजम्मिल से पूछताछ के बाद बरामद की गई थी.

वीडियो: लाल किला ब्लास्ट से जुड़ रहे ऑपरेशन सिंदूर के तार, क्या मसूद अजहर ने रची साजिश?

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