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उमर खालिद से जेल में मिलीं उनकी दोस्त, सुप्रीम कोर्ट के बेल खारिज करने पर ये बोले

Supreme Court ने दिल्ली दंगों के साजिश से जुड़े मामले में आरोपी Umar Khalid और Sharjeel Imam को जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है. उमर खालिद ने इस फैसले के बाद भावुक प्रतिक्रिया दी है.

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उमर खालिद ने जमानत खारिज होने पर भावुक संदेश दिया है. (एक्स)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली दंगों के आरोप में जेल में बंद उमर खालिद (Umar Khalid) की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इस पर उनका पहला रियेक्शन भी सामने आया है. उनकी एक दोस्त एक्टिविस्ट बनोज्योत्सना लाहिड़ी (Banojyotsna Lahiri) जेल में उनसे मिलने के लिए गई थीं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके बताया है कि याचिका खारिज होने के बाद जेल में उनकी उमर खालिद से क्या बातें हुईं? बनज्योत्सना ने लिखा है कि उमर खालिद ने उन लोगों के लिए खुशी जताई है जिन्हें बेल मिल गई है. उन्होंने कहा कि ये राहत की बात है.

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अपनी पोस्ट में बनज्योत्सना ने लिखा, 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उमर ने कहा- जिन लोगों को जमानत मिली है, उनके लिए खुश हूं. ये राहत भरी बात है. 

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इसके बाद बनोज्योत्सना ने उमर से कहा कि ‘वह कल मुलाकात के लिए आएंगी.’ इस पर उमर ने जवाब दिया- 'बढ़िया-बढ़िया. आ जाना. अब यही जिंदगी है.'

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बनज्योत्सना की एक्स पोस्ट
5 साल से जेल में बंद हैं उमर खालिद

उमर खालिद करीब पिछले 5 साल से जेल में बंद हैं. उनकी गिरफ्तारी सितंबर 2020 में हुई थी. उन पर दिल्ली दंगों की साजिश रचने का आरोप है और UAPA के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज है. 5 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया साजिश के सबूत मौजूद हैं.

लंबी कस्टडी का विरोध

सुप्रीम कोर्ट में उमर खालिद समेत सभी आरोपियों ने दलील दी थी कि मामले में लंबे समय से सुनवाई शुरू नहीं हुई है और ट्रायल शुरू होने की संभावना भी कम है. यह भी कहा गया कि वे 5 साल से ज्यादा समय से जेल में हैं और अब तक उनके खिलाफ दंगे भड़काने से जुड़ा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2025 को आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की थीं. 

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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि शुरुआती तौर पर शरजील और उमर की भूमिका गंभीर लग रही हैं. इसके बाद सभी आरोपी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को सभी पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. दिल्ली पुलिस ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था. पुलिस का कहना था कि ये दिल्ली में दंगे भड़काने के मुख्य साजिशकर्ता थे. सुनवाई में हो रही देरी को लेकर भी पुलिस ने आरोपियों को जिम्मेदार ठहराया था. उनका कहना था कि अगर आरोपियों ने मदद की होती तो ट्रायल दो साल में पूरा किया जा सकता है. 

वीडियो: उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

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