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"भारत के पास पैसों की क्या कमी..." ट्रंप ने 182 करोड़ की सहायता राशि रोक दी

Trump Cuts Aid to India: ट्रंप ने कहा कि वो भारत का और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करते हैं. लेकिन इस सहायता राशि को जारी नहीं रख सकते. उन्होंने कहा कि भारत सबसे ज्यादा टैक्स लगाने वाले देशों में से एक है.

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ट्रंप ने भारत को मिलने वाली सहायता राशि पर रोक लगा दी है. (फाइल फोटो: सोशल मीडिया)

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत को मिलने वाले 21 मिलियन डॉलर (182 करोड़ रुपये से अधिक) की सहायता राशि पर रोक लगा दी है. ये पैसे भारत में वोटर टर्नआउट यानी मतदान के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए दिया जाता था. ट्रंप ने कहा है कि हम वो भारत और प्रधानमंत्री का बहुत सम्मान करते हैं लेकिन अमेरिका भारत को इतने पैसे क्यों दे.

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अपडेट: ट्रंप ने 182 करोड़ की जो सहायता राशि रोकी थी वो भारत के लिए थी ही नहीं, इतना कंफ्यूजन हुआ कैसे?

19 फरवरी को उन्होंने पत्रकारों से कहा,

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हमारे हिसाब से भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स (टैरिफ) लगाने वाले देशों में है, और उसकी अर्थव्यवस्था भी तेजी से बढ़ रही है. इसलिए उन्हें 21 मिलियन डॉलर की क्या जरूरत? उनके पास बहुत ज्यादा पैसा है. हम मुश्किल से वहां (भारत में) पहुंच सकते हैं क्योंकि उनके टैरिफ बहुत ज्यादा हैं.

ट्रंप का ये बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के US दौरे के पांच दिन बाद आया है.

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ये भी पढ़ें: ट्रंप के टैरिफ वॉर के बारे में तो खूब सुन लिया, लेकिन ये काम कैसे करता है? व्यापार युद्ध में फंस सकती है पूरी दुनिया

Trump ने ऐसा फैसला क्यों लिया?

16 फरवरी को एलन मस्क के नेतृत्व वाली DOGE यानी Department of Government Efficiency ने एक लिस्ट जारी की थी. लिस्ट में उन अमेरिकी खर्चों का जिक्र था, जो अमेरिका दूसरे देशों पर करता है. इसमें भारत का भी नाम था. विभाग ने फैसला लिया कि भारत को मतदान के लिए मिलने वाले पैसे अब नहीं दिए जाएंगे. टैरिफ को लेकर ट्रंप शुरू से ही सख्त रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के US दौरे पर भी ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की थी. पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान कहा था, 

पूरी दुनिया में भारत सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश है. मैं उन्हें दोष नहीं दे रहा. लेकिन ये व्यापार करने का अलग तरीका है. भारत के साथ व्यापार मुश्किल हो रहा है क्योंकि इतना ज्यादा टैरिफ एक बैरियर की तरह काम कर रहा है. अब हम रेसिप्रोकल देश हैं. अब चाहे वो भारत हो या दुनिया का कोई दूसरा देख, जो कम टैरिफ लगाता हो, हम सबके साथ यही करेंगे. जो चार्ज भारत लगाएगा, उस पर हम भी वही लगाएंगे. और जो चार्ज कोई दूसरा देश लगाएगा, उसपर भी वही चार्ज लगाएंगे. इसे रेसिप्रोकल कहते हैं, जो मुझे सही लगता है.

पीएम दौरे के बाद ये दूसरी बार है जब ट्रंप ने टैरिफ की बात की. 

वीडियो: दुनियादारी: ट्रंप के इस कदम से भड़क जाएगा पूरा यूरोप

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