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छत्तीसगढ़ में एक और बड़ा नक्सली ढेर, 40 लाख का इनामी था

सुधाकर, प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था. उस पर ₹40 लाख का इनाम घोषित था.

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सुधाकर की तस्वीर. (India Today)

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 5 जून 2025 को सुरक्षा बलों ने एक बड़े नक्सली लीडर सुधाकर को मुठभेड़ में मार गिराया. सुधाकर, प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था. उस पर ₹40 लाख का इनाम घोषित था. यह मुठभेड़ इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हुई, जहां खुफिया जानकारी के आधार पर जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया.

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बस्तर रेंज में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम वरिष्ठ नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. तभी इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के जंगल में गोलीबारी शुरू हो गई. उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स, जिला रिजर्व गार्ड, छत्तीसगढ़ पुलिस की दोनों इकाइयां और कोबरा (CRPF की एक विशिष्ट इकाई - कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) के जवान शामिल थे.

इससे पहले मई 2025 में सुरक्षा बलों ने एक अन्य शीर्ष माओवादी नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ जंगलों में एक मुठभेड़ में मार गिराया था. बसवराजू CPI (माओवादी) का महासचिव था. उस पर ₹1.5 करोड़ का इनाम था और उसे माओवादी आंदोलन का मुख्य रणनीतिकार माना जाता था.

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मायोवाद के खिलाफ इन सफलताओं के बीच 2 जून 2025 को सुकमा जिले के केरलापेंडा गांव में 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें छह पर कुल ₹25 लाख का इनाम था. इस आत्मसमर्पण के बाद, केरलापेंडा गांव को "नक्सल-मुक्त" घोषित किया गया और राज्य सरकार की नई योजना के तहत विकास कार्यों के लिए ₹1 करोड़ के दिए जाएंगे.

छत्तीसगढ़ सरकार की नई "नक्सल आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति - 2025" के तहत, ऐसे गांवों को विशेष विकास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जो नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग करते हैं और खुद को नक्सल-मुक्त घोषित करते हैं. 

वीडियो: तारीख: कहानी नक्सल आंदोलन की जिसकी वजह से भारत में 'रेड कॉरिडोर' बन गया

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