ज़हरीला इंजेक्शन, खाने में ज़हर और भी कुछ भयावह तरीकों से कुत्तों को मारा जा रहा है. शुरुआत में इस बात का अंदेशा किसी को नहीं था. मामला तेलंगाना के एक गांव का है. जहां अचानक आवारा कुत्ते गायब होने लगे. पर, ना कुत्तों के भौंकने की आवाज आती, ना ही कोई टोली जो कुत्तों को पकड़ती है, उसका पता चल रहा था. शुरुआत में ऐसा माना जाता रहा कि हो सकता है कि आवारा कुत्ते कहीं चले गए हों. पर, कुछ वक्त बाद पता चला कि ज़हर देकर तेलंगाना में फिर लगभग 100 कुत्तों को मार दिया गया. हैदराबाद के याचारम गांव से आई इस ख़बर के बाद स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया से जुड़े पशु कल्याण कार्यकर्ता ने याचारम थाने में शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें लिखा है कि 19 जनवरी को कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन दिए गए.
अचानक गायब होने लगे कु्त्ते, फिर पता चला 100 और कुत्तों को जहर देकर मार दिया
तेलंगाना के अलग-अलग जिलों में 6 जनवरी से अब तक 500 से ज्यादा आवारा कुत्तों की मौत की खबर सामने आ चुकी है.


आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 20 जनवरी को गांव के सरपंच, सचिव और वार्ड सदस्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. मामला BNS और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं में दर्ज किया गया है. शिकायत में कहा गया था कि ‘100 कुत्ते मारे गए, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच और गांव वालों से बातचीत के बाद अब तक 50 कुत्तों की मौत की पुष्टि हुई है. पुलिस ये भी पता लगाने में जुटी है कि कुत्तों के शव आखिर गए कहां.’
अब ये कोई पहली घटना नहीं है. तेलंगाना के अलग-अलग जिलों में 6 जनवरी से अब तक 500 से ज्यादा आवारा कुत्तों की मौत की खबर सामने आ चुकी है. 12 जनवरी 2026 को इस मामले में एक और शिकायत दर्ज हुई थी. शिकायत की थी आदुलापुरम गौतम ने, जो Stray Animal Foundation of India में एनिमल क्रुएल्टी प्रिवेंशन मैनेजर हैं. उनका आरोप है कि पिछले 2-3 दिनों में पालवंचा मंडल के आसपास करीब 200 कुत्तों को मार दिया गया. जिन गांवों का नाम सामने आए उनमें भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारामेश्वरपल्ली शामिल हैं. ये सभी गांव माचारड्डी पुलिस थाना क्षेत्र में आते हैं.
आदुलापुरम गौतम का दावा है कि सबकुछ गांवों के सरपंचों के कहने पर हुआ. शिकायत में पांचों गांवों के सरपंचों के साथ-साथ किशोर पांडे नाम के एक शख्स का नाम भी है, जिन पर कुत्तों को मारने के प्लान में शामिल होने का आरोप है. इन कुत्तों की मौत का तरीका भी बेहद खौफनाक बताया गया. कहा गया कि कुत्तों को ज़हरीले इंजेक्शन दिए गए और उनके खाने में भी ज़हर मिलाया गया. गौतम बताते हैं कि 12 जनवरी की शाम करीब 6 बजे वो भवानीपेट गांव पहुंचे, जहां येल्लम्मा मंदिर के पीछे कई कुत्तों के शव पड़े मिले. उनका दावा है कि बाकी गांवों में भी ऐसी ही क्रूरता की पुष्टि हुई है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मामला पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत दर्ज किया है. शिकायत में ये भी कहा गया है कि सरकार को नसबंदी और टीकाकरण जैसे मानवीय उपाय अपनाने चाहिए थे, ना कि जानवरों को मारने का रास्ता. जहां एक तरफ कुत्तों की हत्या हो रही है, वहीं कुछ लोग उन ख़बरों को सामने रख रहे हैं, जहां कुत्तों ने लोगों पर हमला किया. जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हुए.
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के फेफना थाना क्षेत्र के तिखा गांव में आवारा कुत्तों ने हमला किया, जिसमें बारासिंघा की मौत हो गई.
यूपी के ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसाइटी में एक घर के बाहर खेल रहे 8 साल के बच्चे पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया. कुत्तों ने बच्चे को काटा भी. जब स्थानीय लोग वहां पहुंचे तो कुत्तों को भगाया गया. फिर बच्चे को इलाज के लिए ले जाया गया. एक परिवार यूपी के मुरादाबाद के कांजीपुर गांव जो कि परिवार का गृह क्षेत्र है. वहां छुट्टियां मनाने पहुंचा था. यहां चार साल की बच्ची जो घर के बाहर बाकी बच्चों के साथ खेल रही थी. उस पर कुत्तों के झुंड ने हमला किया. फिर कुत्ते बच्ची को खींचकर तालाब के नजदीक ले गए. इस घटना में बच्ची की मौत हो चुकी है.
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