बिहार की प्रमुख राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को लालू प्रसाद यादव के बाद पहली बार नया अध्यक्ष मिला है. अभी ‘कार्यकारी’ ही है लेकिन उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यही पूरी तरह से पार्टी की कमान संभालेंगे. बात आरजेडी की है तो ज्यादा कयास लगाने की जरूरत नहीं कि नए कार्यकारी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बेटे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) हैं. पटना के होटल मौर्या में रविवार, 25 जनवरी को पार्टी के तमाम नेताओं की मौजूदगी में ये ऐलान किया गया कि तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है. यह भी बता दें कि साल 1997 में राजद के गठन के बाद से लालू प्रसाद यादव ही इसके सर्वोच्च पद पर बैठे हैं. अब पहली बार इस कुर्सी पर कोई और बैठेगा.
तेजस्वी यादव बने राजद के कार्यकारी अध्यक्ष, लालू के बाद पहली बार किसी को मिली है ये कुर्सी
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में तेजस्वी यादव का जलवा बरकरार है. रविवार, 25 जनवरी को पटना को होटल मौर्या में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें पार्टी का नया कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है.
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ये पहली बार है कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है. बताया जा रहा है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की लंबे समय से मांग थी कि तेजस्वी यादव को पार्टी की कमान पूरी तरह से सौंपी जाए. यानी जमीन पर तो वही पार्टी के कर्ता-धर्ता हैं लेकिन कागज पर भी अब उन्हें पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाए. कार्यकर्ताओं की ये मुराद रविवार, 25 जनवरी को पूरी हो गई. बिहार की राजधानी पटना के होटल मौर्या में राजद के तमाम पदाधिकारियों की मीटिंग थी. होटल के जिस हॉल में बैठक हुई, उसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण सभागार नाम दिया गया था.

इस सभागार में राजद के सारे विधायक-सांसद मौजूद थे. लालू प्रसाद यादव ने मीटिंग की अध्यक्षता की. उनके साथ राबड़ी देवी, मीसा भारती, संजय यादव, भोला यादव आदि मौजूद थे. संजय यादव तेजस्वी के साथ ही आए. इसके अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी 85 सदस्य बैठक में बैठे. राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने बैठक में तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा. लालू प्रसाद यादव के निर्देश पर आए इस प्रस्ताव का सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया. बाद में लालू प्रसाद ने अपने हाथ से तेजस्वी को सर्टिफिकेट सौंपा.

लालू प्रसाद यादव की अस्वस्थता और राजनीति में उनकी कम सक्रियता को देखते हुए पहली बार राजद का नया कार्यकारी अध्यक्ष किसी को बनाया गया है. नहीं तो 1997 में पार्टी बनने के बाद से ही लालू प्रसाद ही इसके अध्यक्ष हैं.
तेजस्वी को ये जिम्मेदारी ऐसे समय में सौंपी गई है जब आरजेडी बिहार चुनाव में करारी हार के बाद सबसे बड़े संकट के दौर से गुजर रही है. पार्टी और परिवार में कलह के बादल भी मंडराते रहते हैं. भाई तेज प्रताप के पार्टी-परिवार से निकाले जाने और बहन रोहिणी आचार्य के विद्रोही तेवरों के बीच तेजस्वी ने ये पद संभाला है. इन सबसे पार पाने की चुनौती उनके सामने बहुत बड़ी है.
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