तमिलनाडु के तिरुनेलवेली (Tamil Nadu Tirunelveli) जिले में एक दलित छात्र (Dalit student assault) पर हमला कर कथित रूप से उसकी उंगलियां काट दी गईं. छात्र 10 मार्च की सुबह परीक्षा देने के लिए घर से निकला था. तभी उस पर हमला हुआ. पुलिस ने इस हमले के सिलसिले में तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है. पीड़ित के पिता का आरोप है कि कबड्डी मैच में हार का बदला लेने के लिए ये हमला किया गया.
परीक्षा देने जा रहे दलित छात्र को बस से खींचा, फिर काट दी उंगलियां, परिवार ने जातीय हिंसा का आरोप लगाया
Tamil Nadu के Tirunelveli जिले में एक Dalit छात्र पर हमला कर उसके बाएं हाथ की उंगलियां काट दी गईं. पीड़ित के पिता का आरोप है कि कबड्डी मैच में हार का बदला लेने के लिए ये हमला किया गया.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दिहाड़ी मजदूर थंगा गणेश का बेटा देवेंद्रन 10 मार्च की सुबह परीक्षा देने के लिए अपने घर से स्कूल की ओर जा रहा था. तभी रास्ते में तीन लोगों ने कथित तौर पर एक क्रॉसिंग पर बस को रोक लिया. देवेंद्रन को बस से बाहर खींचा.और उसके बाएं हाथ की उंगलियां काट दीं. आरोप है कि इन लोगों ने थंगा गणेश पर भी हमला किया, जिसमें उनके सिर सहित कई जगहों पर गंभीर चोटें आईं हैं.
जब बस में सवार दूसरे यात्री बीच-बचाव के लिए इकट्ठा हुए तो हमलावर मौके से भाग निकले. देवेंद्रन को श्रीवैकुंडम गवर्मेंट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जहां से उन्हें तिरुनेलवेली गवर्मेंट हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया. यहां उनकी उंगलियों को फिर से जोड़ने के लिए सर्जरी की जा रही है.
देवेंद्रन के पिता थंगा गणेश तिरुनेलवली जिले के दक्षिणी हिस्से में स्थित अरियानायागपुरम गांव में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं. देवेंद्रन के परिवार ने दावा किया है कि उन पर हुआ हमला हाल ही में हुए एक कबड्डी मैच का बदला है. इस मैच में देवेंद्रन ने विरोधी टीम को हराने में अहम भूमिका निभाई थी. देवेंद्र को एक बेहतरीन कबड्डी खिलाड़ी के तौर पर जाना जाता है.
देवेंद्रन के पिता थंगा गणेश ने इस हमले को जाति से जुड़ा अपराध बताया है. उन्होंने दावा किया,
दूसरे गांव के थेवर समुदाय के तीन लोगों ने उस (देवेंद्रन) पर हमला किया. यह जाति से जुड़ा अपराध है. हम SC (अनुसूचित जाति) समुदाय से हैं.
देवेंद्रन के चाचा सुरेश ने मामले में न्याय की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया,
हमलावर तीन दिनों तक इधर-उधर घूमते रहे. उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए. हम SC समुदाय से हैं. और कोई नहीं चाहता कि हम जीवन में आगे बढ़ें. वह अच्छी तरह से पढ़ाई कर रहा था. वे हमारे आगे बढ़ने से नफरत क्यों करते हैं?
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सुरेश ने आगे बताया कि हमला करने वाले सभी बच्चे 11वीं क्लास में पढ़ने वाले हैं. साथ ही उन्होंने अंदेशा जताया कि इस हमले का मास्टरमाइंड कोई और है. जिसने बच्चों को इस तरह का काम करने की हिम्मत दी है.
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