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सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि मामले में दी बड़ी राहत, अमित शाह को बताया था हत्या का आरोपी

Supreme Court on Rahul Gandhi defamation case: मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निचली कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी है. क्या है पूरा मामला?

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राहुल गांधी की तरफ़ से सीनयर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी. (फ़ोटो - PTI)

सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है (Supreme Court on defamation case against Rahul Gandhi). राहुल पर मानहानि का ये केस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BJP कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक कॉमेंट के लिए चल रहा है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई की.

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राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने BJP के सदस्यों को ‘झूठा’ और ‘सत्ता के नशे में चूर’ कहा था. साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘हत्या का आरोपी’ कहा था. इसी पर 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है. राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि कोर्ट उनके ख़िलाफ़ दर्ज मानहानि के मामले को खारिज कर दें, क्योंकि वो इस मामले में निर्दोष हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, मामले में कोर्ट ने झारखंड सरकार और मामले में शिकायतकर्ता BJP नेता नवीन झा से जवाब मांगा है. राहुल गांधी की तरफ़ से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी. उन्होंने बताया कि कि मानहानि की शिकायत प्रॉक्सी के माध्यम से दायर नहीं की जा सकती. सिंघवी ने उन फ़ैसलों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि सिर्फ़ पीड़ित ही मामला दायर कर सकता है.

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फरवरी, 2024 में झारखंड हाई कोर्ट ने मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया था. झारखंड हाई कोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इसी पर नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने ये आदेश दिया है और  मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है.

क्या है मामला?

बताते चलें, मामला 2019 में नवीन झा की तरफ़ से दायर एक शिकायत पर शुरू हुआ था. जिसमें आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने 18 मार्च, 2018 को AICC प्लेनरी सेशन में कथित तौर पर आपत्तिजनक कॉमेंट किया था.

इससे पहले, राहुल गांधी ने झारखंड हाई कोर्ट में दलील दी थी कि उनके ख़िलाफ़ MP-MLA कोर्ट में चल रहे मानहानि के मामले को, ख़ारिज कर दिया जाए. लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को अस्वीकार कर दिया था. साथ ही कहा था कि राहुल गांधी की याचिका को स्वीकार करने के लिए कोर्ट के पास कोई कारण नहीं है.

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राहुल गांधी ने क्या कहा था?

18 मार्च 2018 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरू में एक बयान दिया था. इसमें उन्होंने कथित तौर पर गृहमंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ कॉमेंट किया था और कहा था कि अमित शाह हत्या के आरोपी है. इसी बयान को लेकर BJP कार्यकर्ता नवीन झा ने राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया था. 

नवीन झा ने तब कहा था कि राहुल गांधी के बयान से BJP के सभी निःस्वार्थ भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नेताओं का अपमान हुआ है. इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान MP-MLA कोर्ट ने राहुल गांधी को कोर्ट मे उपस्थित होने का आदेश दिया था. इसी आदेश के ख़िलाफ़ राहुल गांधी झारखंड हाई कोर्ट में अपनी याचिका लेकर गए थे.

पीएम मोदी के सरनेम मामले में हुई थी कार्रवाई

राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मोदी सरनेम को लेकर बयानबाजी करने पर भी एक मुकदमा दर्ज हुआ था. इसके कारण उन्हें अपनी सांसदी से हाथ धोना पड़ा था. इस मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने उन्हें 23 मार्च 2024 को 2 साल की सजा सुनाई थी. लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के फ़ैसले को बदल दिया था. इससे राहुल गांधी की सांसदी फिर से बहाल हो गई थी.

                         ख़बर हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहीं मेघा की मदद से लिखी गई है

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