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किसी का लैपटॉप-मोबाइल एक्सेस नहीं कर सकते, सुप्रीम कोर्ट ने ED से साफ-साफ कह दिया है

Supreme Court ने अपने आदेश में ED से कहा कि वह सैंटियागो मार्टिन के मोबाइल फोन और उनकी कंपनी के कर्मचारियों से जुड़े किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का डेटा एक्सेस या उनकी कॉपी नहीं करे.

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ED ने सैंटियागो मार्टिन से जुड़े 22 ठिकानों पर रेड की थी. (इंडिया टुडे)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्रीय जांच एजेंसी ED के लिए एक जांच प्रक्रिया में एक ‘लक्ष्मण रेखा’ तय की है. कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि जांच एजेंसी किसी के मोबाइल फोन या लैपटॉप से डेटा एक्सेस नहीं कर सकती. कोर्ट का यह बयान लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन केस (Santiago Martin ED Case) की सुनवाई के दौरान आया है.

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ED ने इस केस की जांच में छह राज्यों के 22 ठिकानों पर रेड की थी. और सैंटियागो मार्टिन के रिश्तेदारों और करीबियों के पास से कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया था. यह एक्शन मेघायलय पुलिस की शिकायत के बाद लिया गया था. जिसमें आरोप लगाया गया था कि फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य में लॉटरी कारोबार पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है. इस छापेमारी में 12.41 करोड़ कैश बरामद हुआ था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मेघालय पुलिस की शिकायत के बाद ED ने छह राज्यों में 22 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य में लॉटरी कारोबार पर “अवैध रूप से” कब्ज़ा कर लिया है. छापेमारी में 12.41 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए.

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अपनी याचिका में याचिकाकर्ताओं ने अपने संवैधानिक और मौलिक अधिकारों खास तौर पर निजता के मौलिक अधिकार की रक्षा करने की मांग की है. उन्होंने तर्क दिया कि व्यक्तिगत डिजिटल उपकरणों में स्टोर जानकारी बहुत अंतरंग, व्यक्तिगत और किसी व्यक्ति के जीवन के बारे में किसी भी भौतिक स्थान पर रखी किसी भी चीज से ज्यादा गोपनीय होती है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ED से कहा कि वह सैंटियागो मार्टिन के मोबाइल फोन और उनकी कंपनी के कर्मचारियों से जुड़े किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का डेटा एक्सेस या उनकी कॉपी नहीं करे. कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ED की तरफ से जारी समन पर भी रोक लगा दी. अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से ED तभी डेटा एक्सेस कर सकती है, जब संबंधित शख्स उनके सामने मौजूद रहेगा.

सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग इलेक्टोरल बॉन्ड की सबसे बड़ी खरीददार थी. इसने 2014 से 2019 के बीच 1,368 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे थे. इसने सभी पार्टियों को चंदा दिया था. फ्यूचर गेमिंग ने तृणमूल कांग्रेस को सबसे ज्यादा 542 करोड़ चंदा दिया था. दूसरे नंबर पर DMK थी जिसे 503 करोड़ मिले. वहीं YSR कांग्रेस को 154 करोड़ और बीजेपी को फ्यूचर गेमिंग ने 100 करोड़ रुपये का चंदा दिया था. 

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