देश की सेवा में जिंदगी गुजार देने वाले भारतीय नौसेना के एक पूर्व अध्यक्ष को अपनी और पत्नी की पहचान साबित करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के सामने पेश होना होगा. 19 साल पहले इंडियन नेवी चीफ के पद से रिटायर हो चुके एडमिरल अरुण प्रकाश को ECI से नोटिस मिला है. SIR प्रक्रिया के तहत 82 साल के एडमिरल प्रकाश (रिटायर्ड) और 78 साल की उनकी पत्नी को चुनाव आयोग के सामने अपनी पहचान साबित करनी होगी.
पूर्व नेवी चीफ को SIR का नोटिस, भारतीय वोटर होने का 'सबूत' देना होगा!
SIR Notice: चुनाव आयोग (ECI) से नोटिस मिलने के बावजूद पूर्व Indian Navy Chief एडमिरल अरुण प्रकाश SIR की तय प्रक्रिया का पालन करने इरादा रखते हैं. उन्होंने किसी भी तरह की 'खास सुविधा' लेने से मना किया है.


अपने 40 साल के करियर में एडमिरल अरुण प्रकाश इंडियन नेवी में सबसे ऊंचे पद तक पहुंचे. पूर्व नेवी चीफ और 82 साल की उम्र होने के बावजूद एडमिरल प्रकाश ने किसी भी तरह की 'आसानी' के लिए बिल्कुल मना कर दिया है. उन्होंने साफतौर पर कहा कि उन्हें कोई भी 'खास सुविधा' नहीं चाहिए. हालांकि, उन्होंने चुनाव आयोग को कुछ मशविरे जरूर दिए हैं. एक X पोस्ट में रिटायर्ड एडमिरल अरुण प्रकाश ने चुनाव आयोग को तीन बातें कही हैं. उन्होंने लिखा,
मैं EC (चुनाव आयोग) को बताना चाहता हूं कि
अगर SIR फॉर्म से जरूरी जानकारी नहीं मिल रही है तो उसे बदलना चाहिए.
BLO तीन बार हमारे पास आए. वो और भी जानकारी मांग सकते थे.
हम 82 और 78 साल के बुजुर्ग पति-पत्नी हैं और हमें 18 किलोमीटर दूर दो अलग-अलग तारीखों पर बुलाया गया है.
पूर्व एडमिरल ने जोर दिया कि अगर मौजूदा SIR फॉर्म (Enumeration Form) मतदाता की पहचान उस तरह से उजागर नहीं कर पा रहा है, जैसा मतदाता बताना चाहता है तो SIR फॉर्म को बदल देना चाहिए. इसके अलावा, उन्होंने इस बात की तरफ भी ध्यान दिलाया कि 82 और 78 साल की उम्र में पति-पत्नी को सुनवाई के लिए 18 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी. वो भी दोनों को अलग-अलग तारीखों पर बुलाया गया है.

हालांकि, एडमिरल अरुण प्रकाश चुनाव आयोग की तय प्रक्रिया का पालन करने का इरादा रखते हैं. एक यूजर ने चुनाव आयोग से सुनवाई पर जाने की बजाय उनके घर पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) भेजने की गुजारिश की. इस पर एडमिरल प्रकाश ने जवाब देते हुए कहा,
मुझे 20 साल पहले रिटायरमेंट के बाद से न तो किसी खास सुविधा की जरूरत पड़ी है और न ही मैंने कभी ऐसी कोई मांग की है. मैंने और मेरी पत्नी ने जरूरत के हिसाब से SIR फॉर्म भरे थे और EC की वेबसाइट पर गोवा ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 2026 में अपना नाम देखकर हमें खुशी हुई. हालांकि, हम EC के नोटिस का पालन करेंगे.

एडमिरल अरुण प्रकाश 31 जुलाई 2004 से 30 अक्टूबर 2006 तक नौसेना अध्यक्ष रहे. अपने करियर में एक कैरियर-बोर्न फाइटर-स्क्वाड्रन, एक नेवल एयर स्टेशन और चार युद्धपोतों की कमान उन्होंने संभाली. इसमें एयरक्राफ्ट-कैरियर INS विराट भी शामिल था. एडमिरल अरुण प्रकाश को उनकी बहादुरी के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), वीर चक्र (VrC), विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) जैसे सम्मानों से नवाजा गया है.
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