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सीएम कुर्सी की खींचतान के बीच ब्रेकफास्ट पर मिले सिद्दारमैया-डीके शिवकुमार, क्या बात हुई?

कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने शनिवार सुबह साथ में नाश्ता किया. माना जा रहा है कि यह मुलाकात आपसी तनाव कम करने और पार्टी के भीतर चल रहे शक्ति-संघर्ष को सुलझाने की कोशिश थी.

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सियासी द्वंद्व के बीच डीके शिवकुमार (बायें) और सिद्दारमैया (दायें) ने एक साथ नाश्ता किया (india today)

नाश्ता नए दिन की संभावनाओं को अपनाने का समय है. क्या-क्या होना है? क्या-क्या करना है? नाश्ते पर तय हो जाए तो दिन ठीक जाता है. कर्नाटक की सियासत में ऐसी ही एक ‘संभावना को अपनाने' के लिए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया शनिवार, 29 नवंबर को एक साथ नाश्ते की टेबल पर बैठे. ये मुलाकात अहम इसलिए है क्योंकि कई दिनों से दोनों दिग्गज नेताओं के बीच ‘पावर’ को लेकर टसल यानी संघर्ष जारी है. 

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मुख्यमंत्री आवास ‘कावेरी’ पर आमंत्रित उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ढाई साल बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जोरदार दावा कर रहे हैं. वहीं, मेजबान बने सिद्दारमैया अभी आसन छोड़ने के मूड में नहीं हैं. दोनों पक्षों में कई दिनों से चल रही खींचतान के बाद शुक्रवार, 28 नवंबर को कांग्रेस आलाकमान ने शिवकुमार और सिद्दारमैया को कहा था कि वो आपस में मिलें और नाराजगी दूर करें.

तभी ये तय हो गया था कि अगले दिन यानी शनिवार (29 नवंबर) का नाश्ता डीके और सिद्दा एक साथ करेंगे. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार की सुबह कर्नाटक कांग्रेस के दोनों कद्दावर नेता एक साथ ब्रेकफास्ट की मेज पर बैठे और बातचीत की. इसकी तस्वीरें भी सामने आईं, जिसमें वो सांभर, इडली और उपमा खाते दिखे. दोनों ने इस दौरान बातचीत की, जिससे ये संदेश तो कम से कम गया है कि दोनों के बीच रिश्ते सामान्य हैं. 

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रिपोर्ट के मुताबिक, माना जा रहा है कि इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में दोनों नेताओं ने ‘सिद्दारमैया-शिवकुमार फॉर्मूले’ के बारीकियों पर चर्चा की, जिसके तहत कथित तौर पर 2023 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद दोनों के बीच ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी के बंटवारे का वादा किया गया था.    

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नाश्ते पर मुलाकात के बाद सीएम सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार (india today)

इसे लेकर डीके शिवकुमार का साफ कहना है कि वह कांग्रेस के प्रति वफादार हैं और कर्नाटक में पार्टी की लीडरशिप के बारे में फैसला हाईकमान ही करेगा.

हालांकि, उनके समर्थकों का मानना है कि अब मुख्यमंत्री की कुर्सी डीके को मिल जानी चाहिए. शिवकुमार के कई समर्थक विधायक तो दिल्ली का चक्कर भी लगा आए.

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दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके समर्थक ये मानने को तैयार नहीं हैं कि ढाई साल पहले कोई समझौता हुआ था. सिद्दा भी यही कह रहे हैं कि हाईकमान उनसे जो कहेगा, वो उसे ही मानेंगे. खबर है कि इस नाश्ता-मीटिंग के बाद शिवकुमार दिल्ली जाने वाले हैं, जहां वो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे. 

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने भी शुक्रवार, 28 नवंबर को दिल्ली जाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था, 

हाईकमान ने हम दोनों (सिद्दारमैया-शिवकुमार) को दिल्ली बुलाया है, इसलिए मैंने उन्हें (डीके शिवकुमार) नाश्ते पर बुलाया है. वहीं बात करेंगे.

सीएम ने आगे कहा था, ‘जैसा मैं पहले भी कह चुका हूं. हाईकमान जो कहेगा मैं वही मानूंगा. इसमें कोई बदलाव नहीं है. और उन्होंने (डीके शिवकुमार) भी कहा है कि हाईकमान जो कहेगा, वही करेंगे.’

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