सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार एक्ट्रेस रान्या राव के पिता और कर्नाटक के सीनियर पुलिस अधिकारी रामचंद्र राव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. उनका कहना है कि मीडिया में ब्रेक होने से पहले उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी. DGP रामचंद्र राव ने कहा कि कानून अपना काम करेगा.
रान्या राव के पिता बड़े पुलिस अधिकारी, बेटी के करोड़ों के गोल्ड के साथ पकड़े जाने पर पहली बार बोले
एक्ट्रेस रान्या राव ने कथित तौर पर अपने शरीर, जांघों और कमर पर टेप लगाकर और अपने कपड़ों और जैकेट के अंदर छिपाकर सोने की तस्करी की.


DGP राव अभिनेत्री रान्या राव के सौतेले पिता हैं. 3 मार्च को रान्या राव को 12 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था. केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अधिकारियों को उनके पास 14.2 किलोग्राम सोना मिला था. अब रान्या के पिता का ने कहा है कि वो ये जानकर स्तब्ध और हताश हैं.
इंडिया टुडे से जुड़े सगाय राज की रिपोर्ट के मुताबिक 33 वर्षीय रान्या राव कुछ समय से राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) डिपार्टमेंट के रडार में थीं. उनके सौतेले पिता रामचंद्र राव कर्नाटक राज्य पुलिस आवास निगम में कार्यरत हैं. रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने गुप्ता सूचना के आधार पर रामचंद्र राव की बेटी के खिलाफ कार्रवाई की है. 3 मार्च को दुबई से अमीरात की फ्लाइट के जरिये बेंगलुरु एयरपोर्ट पर आने के बाद रान्या को गिरफ्तार कर लिया गया था.
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक मामले को लेकर DGP राव ने कहा,
“एक पिता के रूप में, जब मुझे इसके बारे में पता चला तो मैं स्तब्ध और हताश हो गया.”
उन्होंने आगे कहा,
"वो हमारे साथ नहीं रह रही है, वो अपने पति के साथ अलग रहती है. कुछ पारिवारिक मुद्दों के कारण उनके बीच कुछ समस्या है. वैसे भी, कानून अपना काम करेगा. मेरे करियर में कोई काला धब्बा नहीं है. मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता."
रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों को सोना रान्या के कपड़ों में छिपा हुआ मिला था. सूत्रों के मुताबिक कि रान्या ने अपनी जैकेट के अंदर तस्करी किए हुए सोने की कई छड़ें छिपा रखी थीं. रान्या इस वजह से एजेंसी के रडार में थीं, क्योंकि वो अपने पति जतिन हुक्केरी के साथ लगातार अंतरराष्ट्रीय यात्राएं कर रही थीं. जबकि उनका वहां कोई बिजनेस या पारिवारिक संबंध नहीं था.
तीन महीने पहले किया था विवाहबता दें कि रान्या ने हुक्केरी से तीन महीने पहले ताज वेस्ट एंड में एक भव्य सेरेमनी में विवाह किया था. DRI अधिकारियों के मुताबिक रान्या ने 15 दिनों में चार बार दुबई की यात्रा की, जिस वजह से उन पर एजेंसी का संदेह बढ़ गया था. DRI प्रोटोकॉल के अनुसार, इस क्षेत्र की बार-बार यात्रा करने वाले यात्रियों की तलाशी ली जाती है. रिपोर्ट के मुताबिक हर बार जब वो बेंगलुरु लौटती थीं, तो उन्हें भारी मात्रा में सोने की ज्वेलरी पहने देखा जाता था.
पिछले साल 30 बार दुबई की यात्रा कीजानकारी के अनुसार रान्या ने कथित तौर पर अपने शरीर, जांघों और कमर पर टेप लगाकर और अपने कपड़ों और जैकेट के अंदर छिपाकर सोने की तस्करी की. पिछले साल उन्होंने 30 बार दुबई की यात्रा की और हर बार कई किलो सोना वापस लेकर आईं. अधिकारियों ने ये भी बताया कि रान्या ने जांच से बचने की कोशिश की और अक्सर हवाई अड्डे की सुरक्षा जांच से बचने के लिए पुलिस एस्कॉर्ट का भी सहारा लिया.
DRI ने एक बयान में ये भी कहा कि गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने बेंगलुरु के लावेल रोड स्थित रान्या के घर पर भी छापा मारा. जहां से उन्हें 2.06 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए. DRI ने प्रेस रिलीज में कहा,
"महिला यात्री को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है."
रान्या को आर्थिक अपराध अदालत में पेश किया गया. जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पूछताछ के दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्हें सोने की तस्करी के लिए ब्लैकमेल किया गया था. मामले में पुलिस ने एक कांस्टेबल बसवराजू को भी हिरासत में लिया और हवाई अड्डे पर रान्या की सहायता करने में उसकी कथित भूमिका के बारे में उसका बयान दर्ज किया. अधिकारी मामले में इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या वो सोने की तस्करी करने वाली अकेली व्यक्ति थीं या दुबई और भारत के बीच चल रहे तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थीं.
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