संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session Phase 2) का दूसरा चरण आज यानी सोमवार, 10 मार्च से शुरू होने जा रहा है. यह चरण 4 अप्रैल तक चलेगा. इस दौरान 16 बैठकें होंगी. बजट सत्र के दूसरे चरण में सरकार और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव होने की आशंका है. विपक्ष परिसीमन, तीन-भाषा फ़ॉर्मूला नीति, इलेक्शन वोटर ID में गड़बड़ी, मणिपुर में ताज़ा हिंसा और अमेरिकी टैरिफ को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है. साथ ही, वक़्फ़ बिल पर भी दोनों के बीच टकराव संभव है.
Budget Session Phase 2: वक्फ बिल, अमेरिकी टैरिफ, परिसीमन, वोटर आईडी...संसद में ज़ोरदार हंगामे के आसार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि केंद्र सरकार वक़्फ़ बिल को जल्द से जल्द पारित करना चाहती है. उनका दावा है कि इससे मुस्लिम समुदाय के कई मुद्दे सुलझेंगे. उधर, कांग्रेस का कहना है कि I.N.D.I.A. गठबंधन के नेता संयुक्त रूप से वक़्फ़ बिल का विरोध करने के लिए "गहरा विचार-विमर्श" करेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मणिपुर के लिए बजट पेश करेंगी.


संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि केंद्र सरकार वक़्फ़ बिल को जल्द से जल्द पारित करना चाहती है. उनका दावा है कि इससे मुस्लिम समुदाय के कई मुद्दे सुलझेंगे. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली JDU और एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली TDP जैसे NDA सहयोगियों ने पहले ही संकेत दे दिया है कि वे विपक्ष के विरोध के बावजूद संसद की संयुक्त समिति (जॉइंट कमिटी) की ओर से मंज़ूर किए गए संशोधनों के साथ वक़्फ़ संशोधन बिल का समर्थन करेंगे.
उधर, कांग्रेस का कहना है कि I.N.D.I.A. गठबंधन के नेता संयुक्त रूप से वक़्फ़ बिल का विरोध करने के लिए "गहरा विचार-विमर्श" करेंगे. वहीं, सरकार का फोकस अलग-अलग योजनाओं की ग्रांट्स के लिए संसद की मंजूरी प्राप्त करने और बजटीय प्रक्रिया पूरी करने पर होगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मणिपुर के लिए बजट पेश करेंगी. बता दें कि एन. बीरेन सिंह ने 13 फरवरी को राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. तब से ही वहां राष्ट्रपति शासन लागू है. इसी वजह से राज्य का बजट केंद्रीय वित्त मंत्री पेश करेंगी. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह पूर्वोत्तर राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा के लिए संसद की मंजूरी हेतु एक वैधानिक प्रस्ताव पेश कर सकते हैं. इसके अलावा, मणिपुर में हालिया हिंसा की घटना को विपक्षी सांसद उठा सकते हैं. बता दें कि मणिपुर में मई 2023 से ही रुक-रुककर हिंसा की स्थिति बनी हुई है.
परिसीमन और “हिंदी थोपने” पर बवाल मुमकिनदक्षिण में भी परिसीमन को लेकर सरगर्मियां हैं. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम. के. स्टालिन जनसंख्या के आधार पर किए जाने वाले परिसीमन का लगातार विरोध कर रहे हैं. इसके अलावा, DMK राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत तीन-भाषा फ़ॉर्मूले के ज़रिए कथित तौर पर "हिंदी थोपने" का मुद्दा भी उठाएगी.
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विपक्ष अमेरिका की ओर से लगाए जाने वाले टैरिफ और अवैध भारतीय प्रवासियों को ज़ंजीरों में जकड़कर वापस भेजने का मुद्दा भी ज़ोरदार ढंग से उठाएगा. उधर, TMC अलग-अलग राज्यों में डुप्लिकेट EPIC (इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबरों के मुद्दे को उठाएगी. पार्टी इस मुद्दे पर बीजेपी के साथ-साथ चुनाव आयोग को भी घेरेगी. इसके लिए पार्टी कांग्रेस समेत अपने I.N.D.I.A. गठबंधन के सहयोगियों की मदद लेगी.
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