राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला गंभीर होता जा रहा है. 7 मई की सुबह अस्पताल में भर्ती एक और महिला की मौत हो गई. इससे पहले 5 मई को पायल नाम की एक महिला की भी मौत हो चुकी है. लगातार दूसरी मौत के बाद राजस्थान सरकार ने हॉस्पिटल से मामले की डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है. साथ में एक्सपर्ट की एक टीम को भी कोटा भेजा है.
सी-सेक्शन के बाद 6 महिलाओं की हालत बिगड़ी, 2 की मौत हो गई, इस अस्पताल में खलबली
राजस्थान के कोटा में एक हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने के चलते दो महिलाओं की मौत हो गई है. राजस्थान सरकार ने इस मामले में हॉस्पिटल से डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है. साथ में एक्सपर्ट की एक टीम को भी कोटा भेजा है.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यू मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन ने बताया, 4 मई की शाम को कम से कम 12 से 13 प्रेग्नेंट महिलाओं की सीजेरियन डिलीवरी हुई. उनमें से छह की हालत सर्जरी के 8-10 घंटे बिगड़ने लगी. उनके ब्लड प्रेशर और प्लेटलेट्स में गिरावट आई और पेशाब में रुकावट आने लगी, जिससे किडनी इंफेक्शन का संकेत मिला.
5 मई को पायल नाम की एक महिला की मौत हुई थी. अधिकारियों ने बताया कि उनका नवजात बेटा स्वस्थ है. बच्चे की दादी उसकी देखभाल कर रही हैं. इसके अलावा 7 मई की सुबह 10.30 बजे एक और महिला ज्योति की हालत अचानक बिगड़ गई. डॉक्टरों ने उनको तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर लिया. लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. राजस्थान सरकार ने इस घटना का संज्ञान लिया है और इसके पीछे के कारणों की डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है. मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट की प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया,
प्रभावित महिलाओं को तुरंत कोटा के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में भर्ती कराया गया है. यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के सुपरविजन में उनका इलाज चल रहा है. सभी मरीजों की स्थिति मॉनिटर की जा रही है. जरूरत पड़ने पर उनको एडिशनल मेडिकल सपोर्ट भी दी जा रही है.
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देश के मुताबिक, जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज से चार एक्सपर्ट्स की एक टीम को इलाज में सहायता और घटना की जांच के लिए कोटा भेजा गया है. इस टीम में एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट से डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन डिपार्टमेंट से डॉ. सुनील कुमार महावर, प्रसूति और स्त्रीरोग विभाग से डॉ. पवन अग्रवाल और नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट से डॉ. संजीव कुमार शर्मा शामिल हैं.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी 5 मई को न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का दौरा किया था. उन्होंने प्रभावित महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली. राज्य सरकार ने घटना की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं. सरकार की ओर से कहा गया है कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या अस्पताल से जुड़े कर्मचारी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.
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