प्रधानमंत्री आवास के पास रेस कोर्स रोड पर स्थित तीन झुग्गी बस्तियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. केंद्र सरकार ने 19 फरवरी को इन बस्ती के निवासियों को पुनर्वास नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है. इस नोटिस में उनसे 6 मार्च तक जगह खाली करने और सावदा घेवरा स्थित DUSIB कॉलोनी में आवंटित फ्लैटों का कब्जा लेने को कहा गया है.
प्रधानमंत्री आवास के पास झुग्गियों को खाली करने का अल्टीमेटम, यहां शिफ्ट किया जाएगा
प्रधानमंत्री आवास, 7, Lok Kalyan Marg से इन झुग्गी बस्तियों की दूरी बस कुछ किलोमीटर है. नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने साल 2016 में रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया था. लेकिन L&DO के रिकॉर्ड में इन झुग्गियों का पता अभी भी रेस कोर्स रोड ही दर्ज है.


आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) की ओर से 19 फरवरी को इन बस्तियों को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में रेस कोर्स रोड पर स्थित भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और डीआईडी कैंप के निवासियों को जगह खाली करने या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए कहा गया है.
इंडियन एक्सप्रेस ने नोटिस की कॉपी हासिल की है. इसके मुताबिक ये तीनो झुग्गी बस्तियां भूमि एवं विकास आयोग (L&DO) की मालिकाना वाली सरकारी जमीन पर बसी हैं. इन बस्तियों के बदले सावदा घेवरा इलाके में 717 परिवारों को फ्लैट आवंटित किए गए हैं.
प्रधानमंत्री आवास, 7, लोक कल्याण मार्ग से इन झुग्गी बस्तियों की दूरी बस कुछ किलोमीटर है. नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने साल 2016 में रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया था. लेकिन L&DO के रिकॉर्ड में इन झुग्गियों का पता अभी भी रेस कोर्स रोड ही दर्ज है.
नोटिस में आगे बताया गया है कि दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की पुनर्वास नीति के तहत जनवरी 2024 में L&DO और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने संयुक्त सर्वे किया था. सर्वे में ये आकलन किया गया था कि तीनों झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र हैं या नहीं. इस सर्वे के बाद ही फैसला किया गया कि इन तीनों बस्तियों के निवासियों का पुनर्वास घेवरा स्थित DUSIB कॉलोनी में किया जाएगा. यह जगह रेस कोर्स रोड से लगभग 45 किलोमीटर दूर है.
इससे पहले तीन झुग्गियों में रह रहे निवासियों को 29 अक्टूबर 2025 को भी पुनर्वास का नोटिस जारी किया गया था, जिसे नवंबर में दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. 13 नवंबर, 2025 को हाई कोर्ट ने याचिका पर जवाब मांगा और कहा,
इस बीच पूरी प्रक्रिया के तहत सुरक्षात्मक उपाय किए बिना याचिकाकर्ताओं को बेदखल नहीं किया जाएगा.
मामले में अगली सुनवाई 13 जनवरी को हुई. इसमें केंद्र सरकार ने जवाब देने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा. इसके बाद कोर्ट ने 13 मई को मामले को लिस्ट करने का आदेश दिया. साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि उसका 13 नवंबर का अंतरिम आदेश अगली सुनवाई तक लागू रहेगा.
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