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रेस्टोरेंट की बिरयानी में कीड़ा निकला, 5 रविवारों तक कस्टमर को 10-10 प्लेट फ्री बिरयानी देने का आदेश

पीड़ित ने बिरयानी में पड़े मृत कीड़े का फोटो और वीडियो बना लिया था. उन्होंने रेस्टोरेंट में भी इसकी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. विवाद बढ़ने पर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया. मामले से जुड़े सारे सबूत पेश किए.

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बिरयानी में कीड़ा मिलने पर रेस्टोरेंट को 5 रविवार तक 10 प्लेट बिरयानी पीड़ित के घर भेजने का जुर्माना लगा. (फोटो- इंडिया टुडे)

पुडुचेरी में एक शख्स ‘बिरयानी एंड रेस्टोरेंट’ नाम के एक आउटलेट पर बिरयानी खाने गए थे. कथित तौर पर रेस्टोरेंट की ओर से परोसी गई बिरयानी में ‘मरा हुआ कीड़ा’ निकला, जिसकी शिकायत उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (Consumer Disputes Redressal Commission) में की. आयोग ने मामले में रेस्टोरेंट को दोषी पाया और जुर्माना लगा दिया. जुर्माने में अगले 5 रविवार तक पीड़ित के घर 10 प्लेट बिरयानी भेजने का आदेश दिया गया.

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Law की रिपोर्ट के मुताबिक, पी. सुंदरकुमारा मणिकंदन अपने कुछ दोस्तों के साथ 8 दिसंबर 2025 को ‘बिरयानी एंड रेस्टोरेंट’ में बिरयानी खाने पहुंचे थे. सबने मिलकर 558 रुपये की बिरयानी खाई थी. इसी दौरान उन्होंने बिरयानी में मरा हुआ कीड़ा पाया. मणिकंदन ने CDRD में इसकी शिकायत की.

पीड़ित ने बिरयानी में पड़े मृत कीड़े का फोटो और वीडियो बना लिया था. उन्होंने रेस्टोरेंट में भी इसकी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. विवाद बढ़ने पर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया. मामले से जुड़े सारे सबूत पेश किए.

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CDRD ने मामले की जांच के दौरान आरोप को सच पाया. पीड़ित की ओर से दिए गए फोटो-वीडियो भी सही पाए गए. आयोग की ओर से ‘बिरयानी एंड रेस्टोरेंट’ को समन (नोटिस) भी भेजा गया था. लेकिन उसका कोई प्रतिनिधि आयोग के पास नहीं पहुंचा. 

आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि इस तरह किसी उपभोक्ता को खाना परोसना साफ तौर पर सर्विस में कमी है. साथ ही इसे उपभोक्ता के अधिकारों का उल्लंघन भी बताया. आयोग ने अपनी जांच के दौरान पाया कि जब ‘बिरयानी एंड रेस्टोरेंट’ को इस मामले में नोटिस दिया गया, तो उन्होंने इन आरोपों को खारिज कर दिया. पर गूगल पर उपभोक्ताओं की ओर से दिए जाने वाले रिव्यू में रेस्टोरेंट ने इस मामले पर माफी मांगी थी.

सुनवाई के बाद आयोग ने रेस्टोरेंट को दोषी पाया और उस पर जुर्माना लगाया. जुर्माने के तौर पर रेस्टोरेंट को पीड़ित पी. सुंदरकुमारा मणिकंदन को 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया. केस खर्च के बदले 3 हजार रुपये अतिरिक्त देने का निर्देश दिया. वहीं, अगले 5 रविवारों तक पीड़ित के घर 10 प्लेट हैदराबादी बिरयानी भेजने को भी कहा.

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