महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में मौत हो गई है. ये हादसा तब हुआ जब वो चार्टर्ड प्लेन से मुंबई से बारामती जा रहे थे. इस हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई. विमान हादसे का कारण अभी तक पता नहीं चला है, लेकिन ये हैरान करने वाली बात है कि इतने अनुभवी पायलट होने के बावजूद एक प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. Bombardier कंपनी का ये विमान Learjet 45 मॉडल था. विमान को कैप्टन साहिल मदान और फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक उड़ा रहे थे. कैप्टन साहिल मदान एक बहुत ही अनुभवी पायलट थे. वो 2010 से ही कमर्शियल विमान उड़ा रहे थे.
अजित पवार की मौत जिस प्लेन क्रैश में हुई, उसे कौन उड़ा रहा था?
हादसे में Ajit Pawar समेत 5 लोगों की मौत हो गई. विमान हादसे का कारण अभी तक पता नहीं चला है, लेकिन ये हैरान करने वाली बात है कि इतने अनुभवी पायलट होने के बावजूद एक प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. Bombardier कंपनी का ये विमान Learjet 45 मॉडल था.
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कैप्टन साहिल मदान की लिंक्डइन प्रोफाइल को देखें तो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हुई थी. 2010 में वो एविएशन पायलट के तौर पर Air Charter Services Private Limited से जुड़े. करीब 5 साल वहां काम करने के बाद कैप्टन साहिल मदान ने VSR Ventures जॉइन किया. 4 साल यहां काम करने के बाद वो Winfly Aviation से डायरेक्टर के तौर पर जुड़े. 9 महीने यहां काम करने के बाद उन्होंने फिर से VSR Ventures में पायलट के तौर पर वापसी की. जनवरी 2022 से यहां अलग-अलग पद संभालने के बाद फरवरी 2024 से वो Bombardier कंपनी का Learjet 45 विमान उड़ा रहे थे. इतना अनुभव होने के बाद ही उन्हें संभवत: वीआईपी लोगों के उड़ान की जिम्मेदारी दी गई थी.

इस फ्लाइट को उड़ाने में जो कैप्टन साहिल मदान को असिस्ट कर रही थीं, वो थीं फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक. फर्स्ट ऑफिसर वो व्यक्ति होता है जो उड़ान के दौरान कैप्टन की मदद करता है. कैप्टन बनने से पहले हर कमर्शियल पायलट कई सालों तक फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर एक तरह से ट्रेनिंग लेते हैं.

फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक की लिंक्डइन प्रोफाइल देखें तो अप्रैल 2018 में वो एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से पढ़ीं. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब जॉइन किया. यहां के बाद उन्हें DGCA से फ्रोजन एटीपीएल मिला. फ्रोजन एटीपीएल एक तरह का लाइसेंस है जो किसी एयरलाइन में एक से अधिक पायलट वाले विमान में व्यक्ति को सह-पायलट के रूप में ऑपरेट करने की अनुमति देता है. इसके बाद शांभवी पाठक ने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स/एयरोस्पेस साइंस/ एविएशन में बीएससी की डिग्री ली. वहां से उन्होंने न्यूजीलैंड का रुख किया. वहां उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट एकेडमी में विमान उड़ाने के गुर सीखे. इसके बाद अगस्त 2022 में उन्होंने VSR Ventures जॉइन किया.
अब यहां सवाल उठ रहे हैं कि जब इतने काबिल और अनुभवी पायलट विमान उड़ा रहे थे, तब ऐसा हादसा कैसे हो गया? क्या विमान की क्वालिटी या इंजीनियरिंग जांच हुई थी? ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब जांच के बाद ही पता चलेंगे.
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