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MP के गांव में जानवर ने 18 लोगों पर किया हमला, 6 की मौत, अब तक नहीं पता कौन था?

ग्रामीणों ने जानवर के लकड़बग्घा होने की आशंका जताई लेकिन वन विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि ऐसे कोई भी सबूत नहीं मिले हैं. इस बीच 23 मई से 18 घायलों में से तीन लोग- रायली बाई, सुर सिंह और मंसाराम की मौत की खबर आई.

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बड़वानी स्वास्थ विभाग की टीम पीड़ित का चेकअप करते हुए. (तस्वीर : इंडिया टुडे)

मध्य प्रदेश के बड़वानी में 5 मई को एक अज्ञात जानवर ने कुल 18 लोगों पर हमला कर दिया. इस हमले से घायल हुए लोगों में से अब तक छह की मौत हो चुकी है. लेकिन महीना भर बीत जाने के बाद भी वन विभाग की टीम इस जानवर का पता लगा पाने में नाकाम रही है. इलाके के लोग इस घटना से दहशत और गुस्से में हैं. उन्होंने वन विभाग और स्वास्थ विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पैदल मार्च निकाला है.

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इंडिया टुडे से जुड़े जैद अहमद शेख की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों ने जानवर के लकड़बग्घा होने की आशंका जताई, लेकिन वन विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि ऐसे कोई भी सबूत नहीं मिले हैं. इस बीच 23 मई से 18 घायलों में से तीन- रायली बाई, सुर सिंह और मंसाराम की मौत की खबर आई.

बाद में 27 मई और 1 और 2 जून को तीन और लोगों ने दम तोड़ दिया. सभी मृतकों की उम्र 40 से 60 साल के बीच बताई जा रही है. लगातार होती मौतों से गुस्साए ग्रामीणों ने लिबांई से राजपुर के बीच नौ किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला. जिसके बाद सभी ने वन विभाग के ऑफिस पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया.

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इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वे घर से बाहर निकल नहीं पा रहे हैं. पीड़ितों ने ड्रोन और कैमरे के जरिए अज्ञात जानवर की सर्च की मांग की. इसके अलावा हमले में दो गाय और एक भैंस के बच्चे की भी मौत की बात भी सामने आई. लोगों ने मृतकों और पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की है.

घटना पर राजपुर के मेडिकल अधिकारी देवेंद्र रोमड़े ने बताया कि सभी मरीजों का जानवर के काटने से जुड़े प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज किया जा रहा है. वहीं एक गंभीर मरीज को बड़वानी रेफर किया गया था.

वन विभाग के DFO आशीष बंसोड़ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया,

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“जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है. घटना के बाद से हमने गांव के चार किलोमीटर एरिया में खोजबीन शुरू कर दी थी. लेकिन हमें कोई फुट प्रिंट या कोई सबूत नहीं मिले जिससे जानवर की पहचान हो सके. हम लगातार घूम-घूम कर लोगों को समझा रहे हैं कि अकेले घर से बाहर न निकले और रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं.”

इसके अलावा DFO आशीष ने बताया कि वे पीड़ितों को मुआवजे दिलवाने का प्रयास कर रहे हैं. फिलहाल वन विभाग की टीम जानवर की खोजबीन कर रही है.

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