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वक्फ संशोधन बिल पर JDU में नाराज़गी, पार्टी के सीनियर नेताओं ने इस्तीफा दिया

JDU नेता ने कहा है कि बिल से उन्हें और लाखों करोड़ों समर्पित भारतीय मुसलमानों और कार्यकर्ताओं को आघात पहुंचा है.

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अंसारी ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि उन्होंने अपनी जिंदगी के कई वर्ष पार्टी को दिए. (फोटो- FB/PTI)

लोकसभा में 2 अप्रैल की देर रात चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पारित कर दिया गया. चर्चा के दौरान विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी सरकार की कड़ी आलोचना की. NDA में शामिल JDU ने इस बिल का समर्थन किया. लेकिन अब JDU के कुछ नेता पार्टी के इस रुख से नाराज़ नज़र आ रहे हैं. पार्टी के दो विधायकों मोहम्मद कासिम अंसारी और मोहम्मद नवाज मलिक ने वक्फ बिल का समर्थन करने पर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है.

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‘भरोसा टूट गया’

जेडीयू के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा भेज दिया है. अंसारी ने अपने लेटर में लिखा,

‘मुझे और लाखों करोड़ों भारतीय मुसलमानों को विश्वास था कि नीतीश कुमार विशुद्ध रूप से सेक्युलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब ये विश्वास टूट गया है.’

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अंसारी ने वक्फ संशोधन बिल 2024 को लेकर जेडीयू के स्टैंड की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि इससे उन्हें और लाखों करोड़ों समर्पित भारतीय मुसलमानों और कार्यकर्ताओं को आघात पहुंचा है. उन्होंने ये भी कहा है कि लोकसभा में ललन सिंह ने जिस तेवर और अंदाज से अपना भाषण दिया और इस बिल का समर्थन किया, उससे वो काफी मर्माहत हुए हैं.

बता दें कि जनता दल-यूनाइटेड के सांसद और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर बोलते हुए लोकसभा में कहा था कि, विपक्षी दल इस विधेयक को लेकर एक अलग तरह का विमर्श गढ़ने की और देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.

अंसारी ने आगे कहा,

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‘वक्फ बिल भारतीय मुसलमानों के विरुद्ध है. हम किसी भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं कर सकते. ये बिल संविधान के कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है. बिल के माध्यम से भारतीय मुस्लिमों को जलील किया जा रहा है. साथ ही साथ ये बिल पसमांदा विरोधी भी है.’

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अंसारी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा भेज दिया है.


वहीं, JDU के अल्पसंख्यक मोर्चे के राज्य सचिव मोहम्मद नवाज़ मलिक ने भी वक्फ बिल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इस्तीफा दे दिया है. उनका कहना है कि यह बिल संविधान के कई मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करता है.

उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के नाम अपने इस्तीफा में लिखे,

“करोड़ों भारतीय मुसलमानों को अटूट भरोसा था कि आप धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के झंडेबदार हैं. लेकिन अब यह भरोसा टूट गया है. वक्फ संशोधन बिल पर JDU के रुख से करोड़ों भारतीय मुसलमानों और हमारे जैसे पार्टी कार्यकर्ताओं को गहरी चोट पहुंची है. हम लल्लन सिंह के लोकसभा में इस मुद्दे पर दिए बयान से भी निराश हैं. ”

JDU सांसद ने ये भी कहा कि उन्हें अफसोस है कि उन्होंने अपनी जिंदगी के कई वर्ष पार्टी को दिए. बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित हो गया. विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिल गई. इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात लगभग दो बजे तक चली.

वीडियो: Sanjay Singh का तगड़ा भाषण, Waqf Bill 2025 पर सरकार को घेरा

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