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MP पुलिस ने जुड़वा भाईयों को पकड़ा, एक करता चोरी तो दूसरा CCTV के सामने रहता, अब खुला खेल

Twin Brothers Robbery Case: पुलिस ने बताया कि जब आरोपी रविशंकर विश्वकर्मा, दूसरा जगन्नाथ केवट और तीसरा सौरभ वर्मा चोरी करते थे. तब सौरभ का हमशक्ल भाई संजीव वर्मा भी उनके साथ होता था. पुलिस ने उन्हें कैसे पकड़ा?

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आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है. (फ़ोटो - आजतक)
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विजय कुमार विश्वकर्मा

मध्य प्रदेश के मऊगंज ज़िले में चोरी की एक घटना में 3 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. बताया गया कि इन चोरों ने इलाक़े की पुलिस को काफ़ी परेशान कर रखा था. इन चोरों में से एक का जुड़वा भाई है. आरोप है कि इसमें से एक भाई चोरी की घटना को अंजाम देता था. वहीं, दूसरा भाई CCTV के सामने खड़ा होकर पुलिस को चकमा देता था (Twin Brothers Robbery).

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इन दोनों भाइयों का नाम है- सौरभ वर्मा और संजीव वर्मा. बताया गया कि ये अपने साथियों रविशंकर विश्वकर्मा और जगन्नाथ केवट के साथ मिलकर चोरी करते थे. शुरुआत में जब इसका पता चला, तो ख़ुद पुलिस चौंक गई. लेकिन अब उन्हें हिरासत में लेकर जांच की जा रही है.

कैसे पकड़े गए जुड़वा भाई?

आजतक की ख़बर के मुताबिक़, 23 दिसंबर की रात मऊगंज थाना क्षेत्र के चाक मोड़ पर रहने वाले सत्यभान सोनी के घर चोरी हुई. उन्होंने बताया कि बदमाशों ने घर में घुसकर अलमारी और पेटियों का ताला तोड़ा. उसमें रखे गए लाखों रुपये के गहने और नकदी भी चुरा ली. सत्यभान सोनी ने पुलिस में इस घटना की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की.

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मऊगंज की SP रसना ठाकुर की भी घटना पर प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा है कि गंभीर जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा गया. इनके नाम- रविशंकर विश्वकर्मा, दूसरा जगन्नाथ केवट और तीसरा सौरभ वर्मा. जब सौरभ वर्मा कई दिनों तक जेल में बंद रहा, तो उसका भाई संजीव वर्मा उसकी पैरवी करने यानी उसे छुड़ाने जेल पहुंचा. ये देख पुलिस ख़ुद चौंक गई.

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इसके बाद पुलिस टीम ने संजीव वर्मा को भी हिरासत में लिया और पूछताछ की. साथ ही, कई तरह से जांच की गई. SP रसना ठाकुर का कहना है कि सौरभ और संजीव वर्मा जुड़वा भाई हैं. दोनों बिल्कुल एक ही तरह दिखते हैं और एक ही तरह के कपड़े भी पहनते हैं.

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पुलिस ने बताया कि जब आरोपी रविशंकर विश्वकर्मा, दूसरा जगन्नाथ केवट और तीसरा सौरभ वर्मा चोरी करते थे, तब संजीव वर्मा भी उनके साथ होता था. पुलिस का कहना है कि एक भाई संजीव वर्मा CCTV कैमरे की निगरानी में रहता था. ताकि सौरभ चोरी की घटना को अंजाम दे सके. ऐसे करके ये लोग आसानी से पुलिस को गुमराह करते थे. पुलिस अधिकारियों ने आगे कहा कि दोनों जुड़वा भाई कभी साथ में नहीं रहते थे.

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