मथुरा के एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर जान मोहम्मद खान बहाल होने के बाद काफी खुश हैं. जान मोहम्मद वही शिक्षक हैं जिन्हें स्कूल के बच्चों को ‘नमाज’ सिखाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था. लेकिन जांच में उन्हें निर्दोष पाया गया और सेवा भी बहाल कर दी गई.
स्कूल वापस लौटे हेडमास्टर जान मोहम्मद खान, नमाज और बच्चों का सच बताया
Mathura School Headmaster: बहाल होने के बाद सरकारी स्कूल के हेडमास्टर Jan Mohammad Khan ने कहा कि अब उनकी सारी समस्या खत्म हो गई है. उन्होंने कहा कि स्कूल के बच्चों ने बिल्कुल वही बताया जो स्कूल में हो रहा था.


अब उन्होंने बताया है कि किस तरह बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) रतन कीर्ति ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता दुर्गेश प्रधान की शिकायत पर उन्हें आनन-फानन में सस्पेंड कर दिया था.
जान मोहम्मद मथुरा के नौहझील स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय प्रथम के हेडमास्टर हैं. आजतक से जुड़े मदन पाल शर्मा ने जान मोहम्मद से बात की. उन्होंने बताया कि बहाली के बाद सोमवार, 9 फरवरी को वे स्कूल गए.
बातचीत में जान ने BJP नेता के आरोप, BSA की तरफ से सस्पेंशन ऑर्डर, स्कूल के बच्चों और स्थानीय लोगों के समर्थन पर बात की. उन्होंने कहा,
"पड़ोस के गांव के एक आदमी, जो एक भूतपूर्व प्रधान हैं, उन्होंने मैडम (बेसिक शिक्षा अधिकारी) से स्कूल में हो रही कुछ बातों के बारे में शिकायत की. मैडम ने मुझे निलंबित कर दिया. निलंबन के बाद एक जांच हुई. जांच में आरोप झूठे और बेबुनियाद पाए गए. उन्होंने जो आरोप लगाए थे कि स्कूल में राष्ट्रगान नहीं गाया जाता, ये नहीं किया जाता... तो सारी चीजें होती हैं. जांच पूरे सबूतों के साथ की गई, जिसमें कुछ नहीं मिला. आरोप झूठे और बेबुनियाद पाए गए. मुझे पिछले शनिवार (7 फरवरी) को बहाल कर दिया गया. मैं आज सोमवार (9 फरवरी) को स्कूल गया."
जान मोहम्मद ने आगे बताया,
“सारे आरोप बिल्कुल बेबुनियाद थे. बच्चे मेरे साथ थे. बच्चों ने पूरी सच्चाई बताई. गांव वालों ने भी मेरा साथ दिया. बच्चों ने जैसी बात थी, वैसी ही बताई. सब कुछ आपके सामने था. यह सब मीडिया में था. बच्चों ने बिल्कुल वही बताया जो स्कूल में हो रहा था. अब मेरी सारी समस्या खत्म हो गई है. अब मुझे और भी अच्छे से समझ आ गया है कि मुझे यहां कैसे काम करना है, पूरी ईमानदारी से और निष्ठा भाव से, जैसा कि मैं हमेशा करता आया हूं.”
BJP के नौहझील मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने जान मोहम्मद पर स्कूल के बच्चों का 'ब्रेनवॉश' करने और नमाज पढ़ने के लिए प्रेरित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. BSA रतन कीर्ति ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद शुक्रवार, 30 जनवरी को बिना किसी जांच के जान मोहम्मद को सस्पेंड कर दिया.
जब उन्हें सस्पेंड किए जाने की जानकारी आस-पास के लोगों को मिली, तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया. कुछ स्थानीय लोग हेडमास्टर के समर्थन में सस्पेंशन के खिलाफ मथुरा जिलाधिकारी (DM) के ऑफिस भी पहुंचे. उन्होंने कहा कि हेडमास्टर इस तरह के काम स्कूल में नहीं करते हैं.
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मामले में राजनीतिक एंगल आने के बाद जांच शुरू की गई. जांच टीम स्कूल पहुंची और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और उनके माता-पिता के बयान दर्ज किए. जांच रिपोर्ट में सामने आया कि हेडमास्टर जान मोहम्मद के ऊपर लगे आरोप गलत हैं. इसके बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी गई. शिक्षा विभाग ने उनका सस्पेंशन रद्द कर उन्हें बहाल कर दिया.
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