20 फरवरी 2014 को राज्यसभा में माहौल बहुत तनावपूर्ण था. आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक, 2014 पास होना था, जिससे तेलंगाना राज्य बनने का रास्ता साफ होता. इस बिल का कुछ सांसद विरोध कर रहे थे और सदन में हंगामा भी कर रहे थे. तभी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बोलने की बारी आई. लेकिन विरोध कर रहे सांसदों की भीड़ ने उनकी कुर्सी को घेर लिया. कुछ लोग बिल फाड़कर उसके टुकड़े हवा में फेंक रहे थे. कुछ चिल्ला रहे थे और कुछ ने तख्तियां पकड़ी हुई थीं. इस बीच, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पूरी तरह शांत रहे.
पूर्व PM मनमोहन सिंह के भी करीब पहुंच गए थे विपक्षी सांसद, फिर क्या हुआ?
सोशल मीडिया पर पूर्व पीएम Manmohan Singh का 2014 का वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें मनमोहन सिंह सदन में मौजूद हैं और विरोध कर रहे सांसद ठीक उनके सामने खड़े हैं.


तत्कालीन राज्यसभा के उपसभापति, पीजे कुरियन ने सांसदों को शांत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन सदन का माहौल शांत नहीं हुआ. जब कई सांसद एक साथ बिल के विरोध में प्रधानमंत्री के पास पहुंचे तो कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई. कुछ कांग्रेस सांसद उठे और पीएम की कुर्सी के पास आ गए. मनमोहन सिंह ने अपना भाषण जारी रखा.
5 फरवरी, 2026 को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के विपक्षी सांसदों पर गंभीर आरोप लगाने के बाद अब 2014 का ये वीडियो वायरल हो रहा है. 5 फरवरी को ओम बिरला ने कहा था,
"मेरे पास पुख्ता जानकारी आई कि कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य माननीय प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) जी के आसन पर पहुंचकर कोई भी अप्रत्याशित घटना कर सकते थे. यह दृश्य मैंने सदन में देखा भी. अगर यह घटना हो जाती तो यह अत्यंत अप्रिय, देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार कर देती. इसे टालने के लिए मैंने माननीय प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए."
दरअसल, 4 फरवरी को पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था. जब पीएम सदन में मौजूद नहीं थे, तो कुछ कांग्रेस महिला सांसद उनकी कुर्सी के पास पहुंच गई थीं. बाद में पीएम मोदी बिना जवाब दिए सदन से चले गए. ओम बिरला ने पीएम के सदन से जाने का वही 'अप्रत्याशित' कारण बताया, जिसे उनके बयान में बताया जा चुका है. BJP सांसद मनोज तिवारी ने तो यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद पीएम मोदी पर हमला कर सकते थे.
इस पूरी घटना के बाद पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का 2014 का वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसमें मनमोहन सिंह सदन में मौजूद हैं और विरोध कर रहे सांसद ठीक उनके सामने खड़े हैं. भारी हंगामे के बावजूद मनमोहन सिंह ने अपनी सीट नहीं छोड़ी और मौका मिलने पर अपना भाषण पूरा किया.
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वापस 2026 में चलते हैं. 4 फरवरी, 2026 को विपक्ष के कड़े विरोध के कारण पीएम मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा नहीं ले पाए. उन्हें बिना जवाब दिए सदन से जाना पड़ा था. BJP ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष ने पीएम को सदन में बोलने से रोका. इसके बाद कांग्रेस ने 2004 की एक ऐसी ही घटना की याद दिलाकर BJP पर पलटवार किया.
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का 2005 का एक वीडियो शेयर किया और लिखा,
"यह 10 मार्च 2005 को डॉ. मनमोहन सिंह के भाषण का वीडियो है - जिसमें उन्होंने इस बात का जिक्र किया है कि 10 जून 2004 को उन्हें धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने से रोका गया था."

एक और पोस्ट में रमेश ने लिखा,
"याद दिला दें कि 10 जून 2004 को BJP ने प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने से रोक दिया था."

10 जून, 2004 को नए-नए प्रधानमंत्री बने मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था. हालांकि, BJP समेत विपक्षी सांसदों ने सदन में इतना हंगामा किया कि मनमोहन सिंह बोल नहीं पाए. तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने विपक्षी सांसदों से शांति बनाए रखने के लिए कहा, लेकिन विपक्षी सदस्य नहीं माने.
आखिर में मनमोहन सिंह पूरा जवाब नहीं दे पाए. बस उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया कि धन्यवाद प्रस्ताव पर सीधे मतदान कराया जाए और इसे सर्वसम्मति से पास किया जाए.
10 मार्च, 2005 को पीएम मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने का एक और मौका मिला. इस बार उन्होंने पूरा जवाब दिया और कहा,
“स्पीकर सर, यह मेरे लिए बहुत मुश्किल से मिला सौभाग्य है, क्योंकि इस खुशी के काम को करने के लिए मुझे पूरे एक साल इंतजार करना पड़ा. मैं इस मौके पर राष्ट्रपति जी को दो बार धन्यवाद देना चाहूंगा- पिछले साल के भाषण के लिए और इस साल के भाषण के लिए.”

इस तरह, अपने 2005 के भाषण में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने 2004 और 2005 दोनों के अभिभाषणों के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया.
वीडियो: संसद में आज: 'जो उचित समझो', प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर राहुल का तीखा तंज












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