मणिपुर के उखरुल जिले में शनिवार, 18 अप्रैल को संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में भारतीय सेना के एक पूर्व जवान समेत दो लोगों की मौत हो गई. इस हमले में कम से कम दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. हमले से ठीक एक दिन पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल का दौरा किया था.
मणिपुर में पूर्व सैनिक समेत 2 की हत्या, संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर चलती गाड़ियों पर हमला किया
Manipur Violence: संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई. अटैक के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है और हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.


यह हमला 18 अप्रैल को दोपहर करीब 2:30 बजे इंफाल-उखरुल रोड पर लिटन थाना क्षेत्र के लिटन और टीएम कासोम के बीच हुआ. पुलिस के मुताबिक, इंफाल से उखरुल और कामजोंग जिलों की तरफ जा रहे चार गाड़ियों के काफिले पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पूर्व सैनिक एसडब्ल्यू चिनाओशांग की मौके पर ही मौत हो गई. वे उखरुल जिले के ताशर गांव के रहने वाले थे और नागा रेजिमेंट में सेवा दे चुके थे.
हमले में यरुइंगम वाशुम की भी मौत हो गई. इंडिया टुडे से जुड़े बेबी शिरीन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस काफिले को लिटन तक सुरक्षा दी गई थी, लेकिन उसके बाद गाड़ियां बिना सुरक्षा के आगे बढ़ीं, जहां घात लगाकर हमला किया गया. अटैक के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है और हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
मणिपुर पुलिस ने X पर एक बयान में कहा,
"18 अप्रैल 2026 को कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने, जिन पर मिलिटेंट होने का शक था, उखरुल जिले के लिटन पुलिस स्टेशन के टीएम कासोम में आम लोगों पर गोली चलाई, जिससे मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई. घटना की खबर मिलते ही सिक्योरिटी फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची और हमले के पीछे शामिल लोगों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया. सिक्योरिटी फोर्स ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए इलाके और खास जगहों पर काफी सिक्योरिटी फोर्स तैनात की गई हैं. आस-पास के इलाके में अभी भी ऑपरेशन चल रहे हैं."

तंगखुल नागा लॉन्ग (TNL) नामक संगठन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कड़े पलटवार की चेतावनी दी है. इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, उखरुल के एक जिला अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए TNL के प्रेसिडेंट स्वोर्ड वाशुम ने कहा कि ये मौतें बेकार नहीं जाएंगी. उन्होंने इशारा किया कि उनका संगठन इन हत्याओं के जवाब में कार्रवाई करेगा. उन्होंने इस घटना को निहत्थे बेकसूर लोगों पर एक 'क्रूर और बेरहम' हमला बताया.
इस बीच, कुकी-जो काउंसिल (KZC) ने संदिग्ध उग्रवादी हमले में अपने समुदाय के लोगों के शामिल होने से इनकार किया है. KZC ने एक बयान में कहा,
"हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कुकी-जो के किसी भी व्यक्ति या ग्रुप के शामिल होने से साफ तौर पर इनकार करते हैं."
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 17 अप्रैल को ही 'शांति के लिए यात्रा' (Journey for Peace) अभियान के तहत उखरुल का दौरा किया था और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी. इसके अगले ही दिन यह हमला हो गया.
इससे पहले भी उखरुल जिले में हिंसा की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. शुक्रवार, 17 अप्रैल को सिनाकीथेई गांव में संदिग्ध कुकी और तंगखुल नागा गांव के वॉलंटियर्स के बीच फायरिंग हुई थी. इसमें कुकी समुदाय का एक शख्स गोली लगने से मामली तौर पर घायल हो गया था. रात में भी गोलीबारी जारी रही, जिसमें सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की. मणिपुर में मई 2023 से ही जातीय हिंसा जारी है, जिसमें अब तक 260 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं.
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