दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम या मुंबई जैसे किसी महानगर में रहते हैं और अभी खाना LPG सिलेंडर पर ही बना रहे हैं तो ये ख़बर आपकी टेंशन थोड़ी बढ़ा सकती है. सरकार आपकी सोसायटी में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई ही बंद करने जा रही है. दिल्ली-एनसीआर के शहरों में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने बाकायदा नोटिश भेजना भी शुरू कर दिया है. ऐसे तमाम अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को इस बाबत नोटिस भेजा गया है, जहां पीएनजी पाइपलाइन लग चुकी है.
हाईराइज सोसाइटियों में बंद होंगे LPG सिलेंडर? 3 महीने में PNG लगवाने का नोटिस मिला है
LPG to PNG transition news: सरकार ने उन सभी इलाकों के AOA और RWA को नोटिस भेजा है, जहां पीएनजी पाइपलाइन बिछी हुई है. IGL के इस नोटिस में कहा गया है कि दो महीने के अंदर हर किसी को पीएनजी कनेक्शन लेना ही होगा.


आईजीएल (Indraprastha Gas Limited) और देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों- IOCL, BPCL और HPCL एक जॉइंट पब्लिक नोटिस (Public Notice) जारी किया है. जिसके मुताबिक, पीएनजी नेटवर्क वाले क्षेत्रों में नोटिस जारी होने के ठीक 3 महीने के भीतर एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह रोक दी जाएगी.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी को मिले ऐसे ही एक नोटिस में साफ लिखा है,
“जिस क्षेत्र में पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है और गैस एजेंसी द्वारा नोटिस दे दिया गया है, वहां नोटिस की तारीख से 3 महीने के भीतर एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी जाएगी.”

तेल कंपनियों के इस नोटिस पर 1 जून 2026 की तारीख लिखी है. यानी 1 सितंबर 2026 के बाद इन सोसायटियों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह रोक दी जाएगी. इस नोटिस के बाद उन सभी लोगों की टेंशन बढ़ गई है, जो अब तक एलपीजी सिलेंडर के भरोसे बैठे हैं.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ही गौर सिटी में किराए पर रहने वाले जयदीप शुक्ला कहते हैं,
हमारे मकान मालिक दूसरे शहर में रहते हैं, वो बार-बार कहने पर भी पीएनजी कनेक्शन लेने को तैयार नहीं. अब उनके इस अड़ियल रवैये का खामियाजा हम किरायेदार क्यों भुगतें?
एक साथ LPG और PNG कनेक्शन रखने पर होगी कार्रवाई
केंद्र सरकार ने हाल ही में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Essential Commodities Act, 1955) में कुछ बदलाव किया. जिसके कोई भी नागरिक एक ही पते पर PNG और घरेलू LPG Connection दोनों एक साथ नहीं रख सकता. कानूनन ऐसा करना पूरी तरह बैन कर दिया गया है. जिन कंज्यूमर्स के घरों में पीएनजी की लाइन बिछ चुकी है या कनेक्शन एक्टिव हो चुका है, उन्हें तुरंत अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर और कनेक्शन सरेंडर करना होगा.
ऐसा न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ नियमों के उल्लंघन के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है. उपभोक्ता अपने पुराने कनेक्शन को सरेंडर करने के लिए MyPNGD.in पोर्टल पर लॉगइन कर सकते हैं या सीधे अपने गैस डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर सकते है.
नोएडा सेक्टर 52 ई-3 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हर्ष पवार मानते हैं कि ऐसा करना जरूरी है, मगर साथ ही वो इसकी वजह से लोगों को होने वाली तकलीफों की तरफ भी इशारा कर रहे हैं. लल्लनटॉप से बात करते हुए उन्होंने कहा,
महानगरों में ज्यादातर लोग नौकरीपेशा होते हैं, उनके लिए दफ्तर से समय निकालकर गैस एजेंसियों और आईजीएल ऑफिस के चक्कर लगाना आसान काम नहीं है. सरकार को डोर टू डोर कैंपेन चलाना चाहिए.
सुरक्षा और बचत के लिहाज से बड़ा कदम
गैस कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि ये बदलाव महानगरों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है. PNG ना केवल एलपीजी की तुलना में काफी सस्ती और किफायती है, बल्कि हाईराइज सोसायटी के लिए बेहद सुरक्षित भी है.
नोएडा सेक्टर 74 की केपटाउन सोसायटी के एओए प्रेसीडेंट प्रवीण भारद्वाज इस बात से सहमति जताते हुए कहते हैं,
पीएनजी हवा से भी हल्की होती है. ऐसे में किसी भी तरह की लीकेज होने पर ये गैस हवा में फैलकर डाइल्यूट हो जाती है. जिसके चलते आग या ब्लास्ट जैसा खतरा नहीं के बराबर रहा है.
इसके अलावा, मेट्रो सिटी के कामकाजी लोगों को पीएनजी कनेक्शन लगवाने के बाद सिलेंडर की बुकिंग या डिलीवरी के इंतजार से भी मुक्ति मिल जाती है. क्योंकि चौबीसों घंटे बिना रुके कुकिंग गैस की सप्लाई होती रहती है.
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