मैन वर्सेज वाइल्ड वाले बेयर ग्रिल्स याद हैं? वही जो जंगल में घूमते-भटकते क्या कुछ नहीं करते थे. जो मिलता था वो खा लेते थे. कभी-कभी देखने में अजीब लगता था. पर सर्वाइवल के लिए इंसान क्या कुछ नहीं करता! ऐसे ही अल्ट्रा प्रो मैक्स लेवल का एक शख्स मथुरा में मिला. जिसे सांप ने काट लिया था. और भाई साहब इलाज के लिए अस्पताल पूरा का पूरा सबूत लेकर पहुंचे. साबुत सांप ही जैकेट में दबा लिया, और डॉक्टर के पास चले गए.
सांप ने डसा, भाई ने जैकेट में ठूंसा, फिर पहुंच गए अस्पताल, मिलिए मथुरा के देसी बेयर ग्रिल्स से
सांप ने डसा, दीपक ने तुरंत उसे हाथ से पकड़ लिया. फिर बिना सोचे-समझे अपनी जैकेट की जेब में डाला और सीधे मथुरा जिला अस्पताल की इमरजेंसी की तरफ भागे.


मथुरा का ये मामला बहादुरी और मैडनेस का ऐसा कॉम्बो है कि पूरा अस्पताल हिल गया. इंडिया टुडे से जुड़े मदन शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक मथुरा-वृंदावन रोड पर पीएमबी पॉलिटेक्निक के पास, ई-रिक्शा चलाने वाले दीपक राजपूत बैटरी लेकर वापस आ रहे थे. अचानक एक जिंदा कोबरा उनके ई-रिक्शे पर चढ़ गया और उंगली पर डस मार दिया.
अब आम आदमी क्या करता? चिल्लाता, सांप को मारता या भागता. लेकिन हमारे दीपक भाई ने तो लेवल ही अलग कर दिया. सांप ने डसा, दीपक ने तुरंत उसे हाथ से पकड़ लिया. फिर बिना सोचे-समझे अपनी जैकेट की जेब में डाल दिया और सीधे मथुरा जिला अस्पताल की इमरजेंसी की तरफ भागे. रास्ते में एक पुलिसवाले ने कहा, "भाई रिक्शा छोड़ दे, दौड़कर जा!" दीपक ने रिक्शा सड़क पर खड़ा कर दिया और दौड़ते हुए अस्पताल पहुंच गए.
इमरजेंसी में घुसते ही सीन बना. दीपक ने जैकेट से कोबरा बाहर निकाला, हाथ में पकड़ा और डॉक्टर सुशील कुमार से बोले,
"डॉक्टर साहब... इसी ने काटा है. जल्दी इलाज कर दो, बचा लो."
अब क्या था. वहां मरीज, तीमारदार, नर्स, कंपाउंडर सबके दिल की धड़कन रुक गई. लोग कुर्सियां छोड़कर भागे, कोई चिल्लाया. डॉक्टर साहब भी चौकन्ने हो गए. बोले,
"पहले इस सांप को सुरक्षित रखो, तब बात करेंगे."
पूरा वार्ड एकदम थ्रिलर सीन का सेट बन गया. कोई पास आने को तैयार नहीं. दीपक ने अपना लॉजिक भी रखा. बताया कि डॉक्टर साहब, बिना सांप दिखाए कैसे पता चलेगा कि ये कोबरा है या पानी वाला? इलाज तो सही होना चाहिए ना. फिर वो बोला कि इसे छोड़ूं कहां? अस्पताल में या जंगल में? कहीं और किसी को काट लेगा तो?
बहस चलती रही, दीपक सांप पकड़े खड़ा रहा. फिर पुलिस बुलाई गई. पुलिस आई. दीपक को समझाया, काफी मशक्कत के बाद सांप को डिब्बे में बंद किया. स्थिति कंट्रोल हुई, तब जाकर दीपक का एंटी-वेनम इलाज शुरू हुआ. डॉक्टरों ने बताया कि दीपक की हालत स्थिर है, खतरे से बाहर और इलाज जारी है.
दीपक ने बाद में बताया कि उसे बचपन में कई बार सांप काट चुके हैं. उसने कहा,
"सांप, बिच्छू का जहर भी नहीं चढ़ता. फिर भी जान का डर तो सभी को होता है."
ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. जहां लोग कमेंट्स में, "भाई ये सांप से ज्यादा खतरनाक है", "अगली बार सांप को टैक्सी में बिठा लाना", जैसे कमेंट्स कर रहे हैं.
वीडियो: मथुरा में खुदाई के दौरान एक के बाद एक 6 मकान गिरे, DM-SSP ने क्या बताया?













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