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महाराष्ट्र के गांवों में रातोरात उड़े लोगों के बाल, दाढ़ी तक झड़ रही, महिलाएं भी नहीं बचीं

बुलढाणा जिले के बोंडगांव, कालवड़ और हिंगना गांवों के स्थानीय लोगों ने एक ‘रहस्यमय’ बीमारी होने का दावा किया है. उनका कहना है कि इस बीमारी के चलते केवल तीन दिनों के भीतर लोग गंजे हो रहे हैं. ग्रामीणों की मानें तो लगभग हर पीड़ित को ये बीमारी एक ही पैटर्न से गंजा कर रही है.

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गंभीर बीमारी से गंजे हो रहे लोग. (फोटो- इंडिया टुडे)

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के कुछ गांवों में गंजेपन की दहशत देखने को मिल रही है. खबर है कि बीते कुछ दिनों से इन गांवों के कई लोगों के बाल तेजी से झड़ रहे हैं. बताया गया है कि तीन दिनों में ही वे गंजे हो गए. ये जानकारी जिले के आला अधिकारियों तक पहुंची तो प्रशासन एक्शन में आया. रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन लोगों के बाल झड़े हैं उनके और इलाके के पानी के सैंपल लिए गए हैं.

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क्या है पूरा मामला?

लोकमत टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बुलढाणा जिले के बोंडगांव, कालवड़ और हिंगना गांवों के स्थानीय लोगों ने एक ‘रहस्यमय’ बीमारी होने का दावा किया है. उनका कहना है कि इस बीमारी के चलते केवल तीन दिनों के भीतर लोग गंजे हो रहे हैं. ग्रामीणों की मानें तो लगभग हर पीड़ित को ये बीमारी एक ही पैटर्न से गंजा कर रही है. पहले दिन सिर में खुजली होती है. फिर बाल सीधे होने लगते हैं और तीसरे दिन तक व्यक्ति पूरी तरह से गंजा हो जाता है.

महिलाएं भी नहीं बच पाईं

एक के बाद एक कई लोगों के गंजा होने के बाद लोगों में दहशत का मौहाल है. ये पूरी तरह साफ नहीं है कि अभी तक कितने लोग इससे ग्रस्त हुए हैं. इतना बताया गया है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे है. पीड़ितों में कई महिलाएं भी शामिल हैं. लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग अभी तक इस समस्या से अनजान था, ऐसे में वे निजी डॉक्टरों से उपचार करवा रहे हैं. 

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रिपोर्ट के मुताबिक कुछ डॉक्टरों ने पीड़ितों के घरों में इस्तेमाल हो रहे शैम्पू प्रोडक्ट्स पर शक जताया था. लेकिन कहा गया कि कई पीड़ितों ने आज तक शैम्पू का उपयोग ही नहीं किया, फिर वे कैसे गंजे हो गए.

स्वास्थ्य विभाग ने किया सर्वेक्षण

मामला सामने आने के बाद जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने बोंडगांव में एक सर्वेक्षण किया है. इसमें 30 लोगों के बाल झड़ने की समस्या से प्रभावित होने का पता चला है. स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंच गई है. उसने पीड़ितों में दिख रहे लक्षणों का आकलन करना शुरू कर दिया है. रोगियों को कुछ उपचार दिया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक जिला स्वास्थ्य अधिकारी के साथ ही केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव को भी स्थिति के बारे में जानकारी दे दी गई है.

दाढ़ी के बाल भी नहीं बचे  

इंडिया टुडे से जुड़े जका खान ने मामले को लेकर एक गांव के सरपंच सहित कुछ लोगों से बात की है. सरपंच ने बताया कि एक बार बाल झड़ना शुरू होते हैं तो रुकते ही नहीं. सरपंच ने कहा, “छह से सात दिन के अंदर सिर के पूरे बाल झड़ रहे हैं.” इस समस्या के पीड़ित एक युवक ने भी अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उसके भी पिछले 10 दिनो से बाल झड़ रहे हैं. उसने बताया कि सिर के साथ उसकी दाढ़ी के बाल भी झड़ने लग गए हैं.

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बालों को थैली में संभाला

गांव की एक बुजुर्ग महिला भी इस बीमारी का शिकार हो गई हैं. उन्होंने बताया कि बीते रविवार से उनके बाल झड़ रहे हैं, इसलिए उन्होंने अपने बालों को एक छोटी सी थैली में संभालकर रख लिया है. इनके अलावा जिन भी लोगों के अधिकांश बाल झड़ गए है उन्होंने अपने पूरे बाल ही काट लिए हैं. उधर सरपंच का कहना है कि उन्होंने जिला आरोग्य अधिकारी को इस समस्या के बारे में तीन दिन पहले ही जानकारी दे दी थी.

वहीं जिला परिषद के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि समस्या के पीछे इलाके के पानी में संदूषण की समस्या एक वजह हो सकती है. इसकी जांच के लिए इन गांवों से पानी के सैंपल लेकर परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं.

(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे राज राठौड़ ने लिखी है.)

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