महाराष्ट्र में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार मंदिर में दर्शन करने पहुंचे. मंदिर से बाहर निकलने के बाद मंदिर परिसर का 'शुद्धिकरण' किया गया. आरोप है कि कुछ युवकों ने मंदिर को अशुद्ध बताते हुए गोमूत्र छिड़का. अब इस घटना को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है.
शिवसेना के मुस्लिम विधायक के मंदिर जाने पर विवाद, लोगों ने गोमूत्र से किया 'शुद्धिकरण'
महाराष्ट्र में महाशिवरात्रि के पर्व पर शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार एक मंदिर में दर्शन करने गए. इसके बाद कुछ युवकों ने मंदिर को अशुद्ध बताते हुए मंदिर परिसर में गोमूत्र छिड़का. इस घटना पर अब एकनाथ शिंदे का बयान भी आया है.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, घटना छत्रपति संभाजीनगर जिले के रहीमाबाद गांव की है. अब्दुल सत्तार इसी गांव के नागेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. ये गांव उनके निर्वाचन क्षेत्र सिल्लोड में आता है. उनके मंदिर आने पर कुछ युवकों ने आपत्ति जताई. आरोप है कि उनके जाने के बाद मंदिर परिसर में गोमूत्र छिड़का गया. युवकों का कहना है कि अब्दुल सत्तार मांसाहारी हैं, इसलिए महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन पर उनका मंदिर आना मंजूर नहीं है. घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है.
अब इस घटना पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा,
अब्दुल सत्तार जनता के प्रतिनिधि हैं. वो एक सच्चे देशभक्त हैं और उनके मन में देश और देश के लोगों के लिए प्यार है. उनके साथ इस तरह का बर्ताव बिल्कुल भी सही नहीं है.
इस घटना पर कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने विरोध जताते हुए कहा,
अब्दुल भाई हमेशा अपने नॉन-मुस्लिम भाइयों को खुश करने की कोशिश करते हैं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मुसलमान मंदिर में जाकर पूजा करें और हिंदू मस्जिद में आकर नमाज़ पढ़ें. सबको अपने धर्म के हिसाब से काम करना चाहिए.
ये भी पढ़ें: गरबा पंडाल में गैर हिंदू ना आ सकें, इसलिए बीजेपी नेता ने गोमूत्र पिलाकर एंट्री देने की कर दी डिमांड
कौन हैं अब्दुल सत्तार?अब्दुल सत्तार का पूरा नाम अब्दुल सत्तार अब्दुल नबी है. वे छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड विधानसभा क्षेत्र में 4 बार से विधायक हैं. साल 2009 में उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव जीता था. उन्होंने अपना राजनीतिक सफर 1980 के दशक में शुरू कर दिया था. सत्तार पहले कांग्रेस में हुआ करते थे. 2019 में कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गए.
अब्दुल सत्तार हमेशा से अपने बोलने के अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं. वे उद्धव ठाकरे सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं. इसके बाद 2022 में जब शिवसेना दो गुटों में बंटी तो वो एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए.
वीडियो: नेतानगरी: यूपी को मिलेगा तीसरा डिप्टी सीएम? महाराष्ट्र में BMC चुनाव का पूरा गणित जानिए


















.webp?width=120)



