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रेप के आरोपी के पिता ने दुखी होकर जान दे दी, हफ्ते भर बाद ही बेटा निर्दोष निकला

UP Man Found Innocent In Rape Case: ये मामला यूपी के कुशीनगर जिले का है. बेटे पर लगे आरोप के दुःख में पिता ने जान दे दी. इसके बाद पुलिस ने SIT का गठन किया. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. अब SIT की जांच में शख़्स निर्दोष पाया गया है.

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शख़्स को अब कोर्ट ने ज़मानत भी दे दी. (प्रतीकात्मक फोटो)

यूपी में एक शख़्स पर 8 साल की बच्ची से रेप का आरोप लगा (Man Found Innocent In Rape Case). मामले में केस दर्ज हुआ. विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की जांच की. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. SIT की जांच में शख़्स निर्दोष पाया गया है. उस पर लगाए गए सभी आरोप झूठे और व्यक्तिगत दुश्मनी से प्रेरित थे. लेकिन ये तब हुआ जब आरोपी के पिता ने बेटे पर लगे आरोप के दुःख में अपनी जान दे दी. बताया जाता है कि उन्हें ऐसा लगा कि वो अपने बेटे की बेगुनाही साबित करने में विफल हो गए हैं. 

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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट् के मुताबिक, मामला कुशीनगर जिले के लोहंडा गांव का है. 28 मई को इलाके की पुलिस को एक निवासी से शिकायत मिली थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि धुन्नू उर्फ ​​सिद्धार्थ तिवारी ने उनकी बेटी का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया. पुलिस ने मंगलवार 10 जून को बताया कि शिकायत के आधार पर सिद्धार्थ को अगले दिन गिरफ्तार कर लिया गया. 

आरोपी के पिता के जान देने के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया. इसके बाद स्थानीय कड़ाधाम थाने के इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. SIT ने पाया कि सिद्धार्थ ने लड़की को सिर्फ थप्पड़ मारा था. उसका यौन उत्पीड़न नहीं किया था. पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश कुमार ने कहा, 

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व्यक्तिगत रंजिश के कारण शिकायत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था. SIT की रिपोर्ट के बाद रेप और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम से संबंधित धाराओं को FIR से हटा दिया गया है. इसके बाद सिद्धार्थ को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत भी दे दी.

एसपी का कहना है कि मामले को संभालने में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. सिद्धार्थ के परिवार की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया गया है. इसमें ग्राम प्रधान भूप नारायण पाल भी शामिल है. वह फिलहाल फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 25 हज़ार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है.  

वहीं, मामले में दिलचस्प मोड़ तब आया जब सिद्धार्थ की गिरफ्तारी के बाद उसके किसान पिता रामबाबू तिवारी ने खुदकुशी कर ली. बताया गया कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उन्हें लगा कि वो अपने बेटे की बेगुनाही साबित नहीं कर सके. 

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उनकी मौत के बाद गांव में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. गुस्साए स्थानीय लोगों ने 5 जून को नेशनल हाइवे-2 को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से हाथापाई की. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग भी किया.

बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच सिद्धार्थ के पिता का अंतिम संस्कार किया गया. पुलिस ने बताया कि उन्होंने हाइवे जाम करने के मामले में 10 नामजद और 25-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. चार लोगों को हिरासत में लिया गया है. 

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